उन्होंने कहा कि मदरसों का इतिहास गवाह है कि यहां से मौलाना अबुल कलाम आजाद और शेखुल हिंद जैसे महापुरुष पैदा हुए हैं। कहा कि वसीम रिजवी मदरसों और उलमा के इतिहास से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। इसलिए वह इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें चाहिए कि वह पहले इतिहास के पन्ने पलट कर देखें उसके बाद मदरसों पर सवालिया निशान खड़ा करें।
बता दें कि रविवार को वसीम रिजवी ने बयान में कहा कि यूपी के मदरसों में आजकल किताबों की जगह हथियार बरामद हो रहे हैं और इनमें आईएसआईएस के सिपाही तैयार किए जा रहे हैं। जो आने वाले वक्त में हिंदुस्तान के लिए बड़ा खतरा हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह ऐसे मदरसों को बंद करे।
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