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मंत्री गिरिराज के बयान पर आगबबूला हुए उलमा, कहा- मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं

Fri, 10 May 2019 12:11 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मोहम्मद साहब व उनकी साहिबजादी (बेटी) को लेकर दिए गए बयान पर उलमा आगबबूला हो गए हैं। उलमा का कहना है कि मुसलमान कुछ भी बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसलिए गिरिराज सिंह को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। 

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ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस बार नबी करीम और उनकी साहिबजादी हजरत फातिमा को टारगेट करने का प्रयास किया है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह समझ लें कि मुसलमान हर चीज बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता। कारी इस्हाक गोरा ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग से बयान का संज्ञान लेकर गिरिराज सिंह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। 

मदरसा दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी ने कहा कि गिरिराज सिंह जैसे लोग मुल्क का माहौल खराब करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। गिरिराज सिंह अपने बयान पर माफी मांगे नहीं तो उनका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। 
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बता दें कि गिरिराज सिंह ने विवादास्पद मलयालम फिल्म का परोक्ष रुप से जिक्र करते हुए कोई भी सेक्सी दुर्गा जैसी फिल्म बना सकता है, लेकिन किसी में भी पैगंबर मोहम्मद या फातिमा पर फिल्म बनाने का साहस नहीं है।

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तीन दिन की तरावीह में मुकम्मल हुआ कुरआन पाक 
मुकद्दस रमजान माह में तरावीह में पहला कलाम पाक मोहल्ला लहसवाड़ा में पूरा हुआ। यहां हाफिज तारीफ हुसैन ने तीन दिन में कुरआन पाक को मुकम्मल किया। 

मौलाना सिराजुल इस्लाम के आवास पर शुरू हुई तरावीह की नमाज में कस्बा नूह हरियाणा के हाफिज तारीफ हुसैन ने कुरआन पाक मुकम्मल कराया। इस अवसर पर मौलाना समीउल्लाह ने कहा कि माह-ए-रमजान में पूरे रोजों की तराबीह पढ़ना जरूरी है। तीन दिन में भले ही तरावीह में कुरआन मुकम्मल हो गया हो, लेकिन बाकी के रमजान के दिनों में भी तरावीह पढ़ना जरूरी है। उन्होंने मुल्क में अमनो अमान, रहमत की बारिश और आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई। इस मौके पर डा. उबैद, मौलाना इम्तियाज कासमी, डा. शमशाद, मो. अफजाल, नौशाद कुरैशी, डा. सादिक देवबंदी, हाफिज इनामुल हसन, आसिफ कुरैशी, जीशान, हुसैन अंसारी, फरमान, आसिफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।

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