इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 24 जनवरी 2019 को परिवार न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए दोबारा कार्रवाई के आदेश दिए। परिवार न्यायालय ने दोबारा सुनवाई के बाद पाया कि सुमित्रा देवी ही साहब सिंह सैनी की पत्नी हैं। उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी साहब सिंह सैनी की है। गत चार मई 2019 को परिवार न्यायालय ने 15000 रुपये प्रतिमाह दिए जाने और एडवोकेट हंस पुंडीर को उनकी फीस और पैरवी के रूप में एकमुश्त 50 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
सुमित्रा सनी ने आरोप लगाया कि वह लगातार इस बात को कहती रहीं कि वह साहब सिंह सैनी की पत्नी है, लेकिन साहब सिंह सैनी ने अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग करते हुए लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। सरकारी प्रमाण-पत्रों में भी दूसरी महिला को अपनी पत्नी बताकर उसका नाम दर्ज करा दिया। जिसकी शिकायत वह कई बार पुलिस से कर चुकी हैं और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। अब परिवार न्यायालय ने उसे साहब सिंह सैनी की पत्नी मान लिया है। पुलिस ने अब भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेंगी।
वहीं, इस संबंध में एमएलसी साहब सिंह सैनी का कहना है कि वह इस मामले में हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/