वर्तमान में हमें डॉक्टर और टीचर वाली सोच की जरुरत है। क्योंकि हमारे हिंदुस्तान को किसी की नजर लगी हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान तरह तरह के फूलों का गुलदस्ता हैं। जिसे यहां रहने वाले अलग अलग धर्मों के लोगों ने सजाया हुआ है। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने जमीयत की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि समय समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। क्योंकि इससे आपसी सौहार्द को बल मिलता है।
धर्मगुरुओं ने कहा कि देवबंद नगर हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल से प्रसिद्ध है और उसकी यह मिसाल आगे भी बनी रहेगी। यहां से उठने वाली आवाज पूरी दुनिया में जाती है। उम्मीद है कि जमीयत की इस पहल के भविष्य में अच्छे परिणाम आएंगे।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि सद्भावना संसद में दोनों समुदाय के लोग बराबर बराबर साथ रहे। जिसकी बेहद खुशी है। हिंदुस्तान को इसी मजबूत साथ की जरुरत है। उन्होंने कहा की जल्द ही देवबंद में एक मार्च निकाला जाएगा। जिसमें सर्वधर्म के लोग शामिल होंगे। ताकि पूरी दुनिया में एकता और भाईचारे का संदेश जा सके। इससे पूर्व धर्मगुरुओं का बुके भेंट कर स्वागत किया गया।