गांव कस्तला में बुखार से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार देर रात बुखार से पीड़ित एक विकलांग ने दम तोड़ दिया। वहीं कैबिनेट मंत्री और सांसद के गांव में जाने का कुछ असर दिखाई नहीं दिया। गांव में न तो सफाई की व्यवस्था है न ही फॉगिंग कराई गई। वहीं साफ पानी की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
इंचौली थाना क्षेत्र के कस्तला गांव निवासी 35 वर्षीय विकलांग बबलू पुत्र स्वर्गीय ओमवीर गांव में ही परचून की दुकान करता था। ग्रामीणों के मुताबिक एक सप्ताह से बबलू को बुखार था और उसने गांव से ही दवा ली थी। बृहस्पतिवार सुबह उसकी तबियत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे मेरठ के प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया।
वहीं ग्रामीणों का कहना है िक कुछ दिन पहले गांव में आए कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने सीएमओ को गांव में फॉगिंग कराने, कैंप लगाने और अस्पताल की हालत दुरुस्त करने की बात कही थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल पहले की तरह ही है।
न तो सफाई हुई और न ही दवाई की उचित व्यवस्था हो पाई। गांव प्रधान गजेंद्र नागर के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग अभी गांव में मुख्य बिमारी और उसका होने का कारण पता नहीं लगा पाया है। कुछ दिन पूर्व अस्पताल की ओर से लगाए गए कैंप में दवा देकर खानापूर्ति की गई।
पहले भी जा चुकी है जान
गांव कस्तला निवासी बबलू की मौत से पूर्व गांव कीसीमा, फूलवती, धीरज, मोमंदी, रमेश, जयपाल, राजवीरी, कैलाश, कालू शर्मा, मंजू शर्मा, ब्रिजेश, मुथरी, सूब सिंह, योगेश, और जयप्रकाश सहित 25 से अधिक लोगों की बुखार के चलते जान चुकी है।