मेरठ। शास्त्रीनगर में तेजगढ़ी चौकी के पास रविवार रात को साड़ी शोरूम में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना में मेडिकल पुलिस तमाशबीन बनी रही। खुद को भाजपाई बताकर युवक सरेआम दबंगई करते रहे। पहले साड़ी व्यापारी को पीटा, फिर बचाव में आए उनके बेटे को पीटकर घायल कर दिया। शोरूम में मौजूद कर्मचारियों को पीटकर भगा दिया। उसके बाद थाने पहुंचकर पीड़ित पक्ष को तहरीर तक नहीं देने दी।
शोरूम मालिक व्यापारी दीपक रस्तौगी ने पुलिस को आरोप लगाते हुए बताया कि शास्त्रीनगर स्थित एक हॉस्पिटल में दो लाख रुपये के लेनदेन को लेकर समझौता हुआ था। मैं वहां केवल मौजूद ही था। जबकि जिसे दो लाख रुपये देने थे, उससे मेरा कोई मतलब नहीं था। लेकिन अब आरोपी लोग भाजपा के दो बड़े नेताओं का नाम लेकर दो लाख रुपये देने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि रविवार रात जब भाजपा की झंडा लगी तीन गाड़ियों से युवक पहुंचे तो उनमें एक व्यापारी नेता का बेटा और पार्षद भी था। वह अपने साथ भाजपाइयों और अन्य लोगों के साथ पहुंचा तो मैंने यही कहा कि मेरा पुराने विवाद से कोई लेना देना नहीं है। जिसके बाद आरोपियों ने मुझे धमकाते हुए कहा कि सरकार हमारी है और यह दुकान किराए की खाली करनी पड़ेगी। जिसके बाद पिस्टल लेकर सरेआम मारपीट कर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद पीड़ित व्यापारी शोरूम बंद कर थाना मेडिकल पहुंचे। लेकिन आरोप है कि वहां पहले से मौजूद हमलावरों ने उन्हें थाने से भी भगा दिया। व्यापारी और उनका बेटा उपचार कराने निजी अस्पताल में पहुंचे।
थाने पहुंचकर खुद दी तहरीर
पूरे मामले में आरोपी पक्ष के लोग शोरूम में व्यापारी से मारपीट और तोड़फोड़ करने के बाद मेडिकल थाने पहुंचे। जहां एसओ मेडिकल कुलवीर सिंह को तहरीर दी। जिसमें कहा कि वह साड़ी शोरूम के बाहर खड़े थे। तभी शोरूम मालिक दीपक रस्तौगी, उनके बेटे और अन्य लोगों ने लाठी डंडे और रॉड से हमला कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
व्यापारी नेता ने रिसीव नहीं की कॉल
आरोपियों में एक व्यापारी नेता का बेटा और पार्षद भी शामिल बताया गया। वहीं, कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता थे। जिसमें आरोपियों ने सरेआम कहा कि यह शोरूम किराए पर चल रहा है, रात में ही खाली करना पड़ेगा। इस मामले में व्यापारी नेता से जब इस संबंध में बात करनी चाहिए तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
दबाव में दिखी पुलिस
पूरे मामले में मेडिकल पुलिस ने आरोपियों के सामने सरेंडर कर दिया। एसओ मेडिकल ने कहा कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा है। दुकान खाली कराने और लेनदेन का मामला है। इस मामले में तहरीर के आधार पर पहले जांच की जाएगी।