फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीवन अस्पताल का लाइसेंस बहाल करने की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। गढ़ रोड पर मंगल पांडे नगर स्थित जीवन अस्पताल के पदाधिकारियों और स्टाफ ने सोमवार को सीएमओ से अस्पताल के निलंबित लाइसेंस को बहाल करने की मांग की।
विज्ञापन

सीएमओ ने 26 अगस्त 2025 को जीवन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। पिछले साल अगस्त माह में अब्दुल्लापुर की रहने वाली सुरैया (35) का इलाज इस अस्पताल में हुआ था। उनके लिवर में फोड़ा था। इलाज में लापरवाही शिकायत की गई थी। सीएमओ ने इसकी जांच कराई। बकौल सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, जांच में अस्पताल की तरफ से न तो इलाज के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और न ही यह सही जानकारी दी गई कि सुरैया का इलाज किस चिकित्सक ने किया था। इस आधार पर लाइसेंस निलंबित किया गया था।
सीएमओ कार्यालय पहुंचे जीवन अस्पताल कर्मियों ने सीएमओ से कहा कि सुरैया के इलाज में जीवन अस्पताल का कोई दोष नहीं है। इसमें दोष जेल चुंगी स्थित सर्वोदय अस्पताल का है जिसकी शिकायत पिछले साल दिसंबर माह में की गई थी। मरीज पहले वहीं भर्ती था। लापरवाही वहीं हुई थी। उनके यहां इलाज से सुरैया बिल्कुल ठीक है। उसकी कोई शिकायत नहीं है। अस्पताल के पास सारे दस्तावेज हैं जिससे साबित होता है कि न इलाज में लापरवाही की गई और न ही कोई अव्यवस्था है। अस्पताल 25-30 लोगों का परिवार चलता है। लिहाजा अस्पताल का लाइसेंस बहाल किया जाए और सुरैया प्रकरण की पुन: जांच की जाए। इस दौरान जीतू नागपाल, नितिन, हरेंद्र, योगेश और सुशील आदि मौजूद रहे। सीएमओ ने फिर से जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं इस संबंध में सर्वोदय अस्पताल के संचालक डॉ. नागेंद्र का कहना है कि दोषी जीवन अस्पताल है। उसने अब फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं और सीएमओ कार्यालय में दिए हैं। वह अगर सही थे तो जब जांच समिति जांच करने गई थी तब क्यों नहीं दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें