फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कान्हा उपवन में ट्रामा सेंटर बनाने की मांग उठी

विज्ञापन
कान्हा उपवन गोशाला - फोटो : mrt
विज्ञापन
मेरठ। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में गोवंश के लिए 12 कूलर लगाए गए हैं। कर्मचारियों को निर्देश देने के लिए माइक सिस्टम का इंतजाम करने के साथ-साथ गोशाला में ही ट्रामा सेंटर बनाने की मांग लोगों ने उठाई है। 25 दिन में गोवंशों की हालत में सुधार देखने को मिल रहा है। वहीं, भाजपा नेता विनीत शारदा ने अपनी माता की प्रथम पुण्यतिथि और अपना जन्मदिन गोशाला में शुक्रवार को मनाने की बात कही है।
विज्ञापन

कान्हा उपवन में भूख से मरे गोवंशों के मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महापौर हरिकांत अहलूवालिया व नगर आयुक्त सौरभ गंगवार पर नाराजगी जताकर गोशाला की स्थिति सुधारने और हर सप्ताह निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को निगम द्वारा गोवंशों को उमस भरी गर्मी से बचाने के लिए गोशाला में 12 कूलर लगाए गए। कर्मचारियों को काम के निर्देश देने के लिए कंट्रोल रूम में माइक सिस्टम लगाया गया है। गोशाला प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि गोशाला में एक टिनशेड तैयार हो चुका है। जिसमें स्वास्थ्य और दुधारू गोवंशों को रखा गया है। गोवंशों के टहलने के लिए एक बाडा तैयार किया जा रहा है। गोवंशों के उपचार के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी अजय प्रताप सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी आकाश दीप तोमर, शैलेंद्र गौड़ सहित पांच पशु मित्रों को तैनात किया गया है। गगोल रोड स्थित पशु चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. प्रियंका शर्मा गोवंशों का उपचार करेंगी।

गोवंशों का कराया जा रहा इलाज
शहर की सडकों पर घूमने वाले और वाहनों की चपेट में आकर घायल होने वाले गोवंशों को कान्हा उपवन में भेजने के लिए रोजाना कई संस्थाओं के फोन आ रहे हैं लेकिन गोशाला में ट्रामा सेंटर न होने के चलते गोवशों को यहां नहीं लाया जा रहा। अधिकारियों के अनुसार सूरजकुंड स्थित ट्रामा सेंटर में 15 गोवंशों के उचपार की जगह है। वहां और बीमार गोवंशों को नही भेजा जा सकता, जबकि कान्हा उपवन गोशाला में रोज लोगों के फोन घनघनाते हैं। लोगों का कहना कि कान्हा उपवन गोशाला के पास काफी जमीन है, जहां पर ट्रामा सेंटर बनाया जा सकता है। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि बीमार और चोटिल गोवंशों को कान्हा उपवन में भेजने के लिए रोज तीन चार फोन आते हैं लेकिन यहां ट्रामा सेंटर नहीं होने के कारण लोगों को मना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें