मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा प्रकरण को लेकर तहसील मोदीनगर में किसानों और अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें किसानों ने दो टूक कहा कि मुआवजा समय से नहीं मिलेगा तो जमीन पर कब्जा नहीं दिया जाएगा। एनएचएआई अधिकारियों ने जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा नहीं मिलने पर गांव मुरादाबाद, तलहैटा, सौलाना, काशी व अछरोंडा के किसानों ने 15 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दे रखी थी। मंगलवार को मोदीनगर तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों, एनएचएआई अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक हुई।
बैठक में विधायक डा. मंजू सिवाच भी मौजूद रहीं। किसानों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता है तब तक वह एक्सप्रेस वे का काम नही होने देंगे। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दलबीर सिंह, मनवीर सिंह, श्यामवीर नेताजी, जय कुमार मलिक, सतीश राठी ने कहा कि दस दिन में मुआवजा नहीं मिलता तो किसान एक्सप्रेस वे का कार्य रोक देंगे। वहीं परतापुर तिराहे पर बनने वाले अंडरपास का मंगलवार को एक मीटर मोटाई का फर्श डलना शुरू हो गया।