पीड़ित परिवार का आरोप है कि दीपक की हत्या में दूसरे समुदाय के कई लोग शामिल थे, जिन्हें पुलिस बचा रही है। इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार डीजीपी, प्रमुख सचिव से भी मिला था। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने विवेचना मेरठ पुलिस से हटाकर एसपी बागपत नीरज जादौन को दे दी थी।
एसपी बागपत ने जांच एसओजी प्रभारी तपेश्वर सागर को दी है। बागपत पुलिस ने फैमीद की पत्नी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि फैमीद की विवाहिता बेटी से दीपक के संबंध थे। इसके चलते फैमीद ने दीपक की हत्या की थी।
विवेचक तपेश्वर सागर ने दोनों आरोपियों फैमीद और आसिफ का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। गुरुवार को सीजेएम की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों का लाई डिटेक्शन/पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आदेश दे दिए हैं।
दोनों आरोपियों को लखनऊ भेजेंगे
विवेचक ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट से अनुमति लेकर लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेंगे। दोनों आरोपियों ने भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की स्वीकृति दे दी है। केस को मजबूत करने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट होना जरूरी है।