फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीपक हत्याकांड : हत्यारोपी फैमीद और आसिफ का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

Fri, 25 Nov 2022 09:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक त्यागी 25 सितंबर, 2022 को लापता हो गए थे।
विज्ञापन
दीपक की हत्या के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ के चर्चित दीपक हत्याकांड के आरोपी फैमीद नट और आसिफ का लाई डिटेक्शन/पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की कोर्ट ने अनुमति दे दी। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां संयुक्त निदेशक अभियोजन चंद्रकांत मनी त्रिपाठी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी संजय सुमन और मनोज कुमार ने बहस की। सीजेएम देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आदेश दे दिए।

विज्ञापन


परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक त्यागी 25 सितंबर, 2022 को लापता हो गए थे। दो दिन बाद 27 सितंबर को दीपक का सिर कटा शव जंगल में मिला था। सात दिन बाद गांव के आरोपी फैमीद नट और आसिफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर कटा हुआ सिर बरामद किया था।

यह भी पढ़ें: Baghpat: पैरोल खत्म, डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम-रहीम आज जाएगा सुनारिया जेल

विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित परिवार का आरोप है कि दीपक की हत्या में दूसरे समुदाय के कई लोग शामिल थे, जिन्हें पुलिस बचा रही है। इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार डीजीपी, प्रमुख सचिव से भी मिला था। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने विवेचना मेरठ पुलिस से हटाकर एसपी बागपत नीरज जादौन को दे दी थी।

एसपी बागपत ने जांच एसओजी प्रभारी तपेश्वर सागर को दी है। बागपत पुलिस ने फैमीद की पत्नी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि फैमीद की विवाहिता बेटी से दीपक के संबंध थे। इसके चलते फैमीद ने दीपक की हत्या की थी।

विवेचक तपेश्वर सागर ने दोनों आरोपियों फैमीद और आसिफ का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। गुरुवार को सीजेएम की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों का लाई डिटेक्शन/पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आदेश दे दिए हैं।

दोनों आरोपियों को लखनऊ भेजेंगे
विवेचक ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट से अनुमति लेकर लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेंगे। दोनों आरोपियों ने भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की स्वीकृति दे दी है। केस को मजबूत करने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट होना जरूरी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें