सुनील कैथवास...आर्य समाज बुढ़ाना गेट में आयोजित राष्ट्र रक्षा यज्ञ में बोलते प्राभात आर्य।
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में रविवारीय सत्संग में परोपकार की भावना को जागृत कर आदर्श मनुष्य बनाने का मार्ग बताया गया। मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने बताया कि वेद में परमपिता परमात्मा स्पष्ट आश्वासन देते हैं कि यज्ञ करने वालों की समस्त कामनाएं पूर्ण होती हैं। गीता में भी भगवान कृष्ण ने यज्ञ को इष्ट बताया हैं। यह आशीर्वाद मंत्र का उत्तर भाग है। यजमान को आवश्यक गुणों को जीवन में समावेश करना होगा।
मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने कहा कि उत्तर घृत सामग्री के साथ देव यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ के साथ अपने जीवन को समाज सेवा में समर्पित कर उन्नति के मार्ग को प्रशस्त कर सकते हैं। मनुष्य चारों वेदों का अध्ययन कर विद्वान बन जाता है। वेदों के आशीर्वाद से हम अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। यज्ञ सुख और शांति प्रदान करने वाला होता है। हम सबको वेद के आदेश का पालन करते हुए अपने जीवन को पवित्र बनाने के लिए इच्छाओं को पूर्ण करना चाहिए। स्वार्थ की भावना से किया हुआ कोई भी कार्य यज्ञ नहीं होता। सत्संग के बाद एक जून से चल रहे बाल संस्कार शिविर का समापन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में डॉ. हरेंद्र चौधरी, प्रीति सेठी, अपर्णा अग्रवाल, तन्मय शर्मा, रुद्र सिंघल, समृद्धि गुप्ता, पार्थ आदि रहे।
सर्व समाज एकजुट होकर करे राष्ट्र रक्षा का कार्य
आर्य समाज बुढ़ाना द्वार पर 101 राष्ट्र रक्षा यज्ञ हुआ। 55वां यज्ञ राजेंद्र शास्त्री ने संपन्न कराया। अमितकांत, गजराज सिंह, मुदित बंसल यजमान रहे। अध्यक्षता कुंवर नरेश चौहान ने की। मुख्य वक्ता प्रभात आर्य ने कहा कि आज एक लक्ष्य होना चाहिए। राष्ट्र को संगठित करने के लिए आर्य समाज ही नहीं सभी संगठनों और मंदिरों में राष्ट्र धर्म की बात करनी चाहिए। जिला प्रधान सुशील बंसल ने कहा कि आज जरूरत है। मंच संचालन मंत्री संजय गुप्ता ने किया। सभा में सोम प्रकाश रस्तोगी, प्रणव रस्तोगी, योगेश, अशोक सुधाकर, अनिल, योगेश रहे। संवाद