पंद्रह फीसदी से कम लाइन लॉस वाले ग्रामीण बिजलीघरों के उपभोक्ताओं को 16 घंटे और शहर के उपभोक्ताओं को 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। सरकार का लक्ष्य नलकूप कनेक्शनों की पेंडेंसी खत्म करने का है। इसके लिए सरकार ने दो गुणा बजट जारी कर 31 हजार कनेक्शनों का पैसा जारी किया। यह बातें प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन संजय अग्रवाल ने पीवीवीएनएल के ऊर्जा भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि डार्क जोन में आने वाले किसानों को कनेक्शन लेने में दिक्कत हो रही थी। इस संबंध में मंडलायुक्त आलोक सिन्हा से बात हुई है। जिन किसानों ने डार्क जोन घोषित होने से पहले कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया था, अब उन किसानों को भी कनेक्शन जारी किया जाएगा।
31 जुलाई से 30 सितंबर तक चलने वाले अभियान में पीवीवीएनएल के 36 टाउन शामिल हैं। इन टाउनों की सब डिविजनों के एक-एक बिजलीघर का सेनेटाइजेशन कर लाइन लॉस 15 फीसदी से कम पर लाना है। इसके बाद इन बिजलीघर के उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाकर 16 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। डिबाई बिजलीघर पर 15 फीसदी से कम लाइन लॉस आने पर 22 घंटे बिजली दी जाने लगी है।
सभी अधिकारियों को गांवों और शहरों में रोस्टर शेड्यूल अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यूपीपीसीएल एमडी एपी मिश्रा ने बताया कि जनरेशन प्लांटों में दो मशीन चालू होने से बिजली उत्पादन 12 हजार मेगावाट से बढ़कर 13 हजार 500 मेगावाट हो गया है। पीवीवीएनएल एमडी विजय विश्वास पंत ने बताया कि विभाग का लक्ष्य लोकल फाल्ट में कमी लाकर उपलब्ध बिजली को घरों तक पहुंचाना है।
इस कड़ी में इट्ज कैश सुविधा के जरिये उपभोक्ता फ्रैंचाइजी सेंटरों पर अपना बिजली बिल जमा कर सकता है। इसके अलावा मोबाइल वैन चलाई जा रही है जो क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं का बिल जमा करेगी। जल्द ही एलईडी बल्ब भी उपभोक्ताओं को मिलने लगेंगे। इससे पहले चेयरमैन ने पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों के अधिकारियों के साथ सुबह 11 बजे से 3 बजे तक बैठक की। इसमें राजस्व वसूली से लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और बनाए जा रहे बिजलीघरों की प्रगति की जानकारी ली। खराब राजस्व वसूली और ढीले अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई।