अटेरना गांव में घर के आंगन चारपाई पर लेटे एक माह के मासूम को बंदर उठाकर छत पर ले गया। बच्चे को बंदर के कब्जे में देख परिजनों के होश उड़ गए। मासूम को छुड़ाने के लिए बंदर को रोटी का लालच दिया गया। रोटी और बिस्किट मिलते ही बंदर मासूम को छत पर छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
क्षेत्र के अटेरना गांव निवासी संजीव का एक माह का बच्चा घर के आंगन में चारपाई पर लेटा हुआ था। परिजन आसपास ही गृह कार्य में जुटे थे। इसी बीच अचानक मकान की छत से एक बंदर आंगन में पहुंचा और बच्चे को गोद में उठाकर मकान की छत पर ले गया।
परिजनों की नजर बंदर पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। घबराए परिजन छत की तरफ भागे। बंदर को रोटी का लालच दिया गया। बंदर ने बच्चा नहीं छोड़ा तो बिस्किट फेंके गए। बंदर ने रोटी और बिस्किट उठाए चला गया। बंदर के जाने के बाद परिजन और मोहल्ले के लोग मासूम के पास पहुंचेे। परिजनों ने बताया कि मासूम सकुशल है और उसे किसी तरह की चोट नहीं लगी है।