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किसानों को साख से आठ गुना ज्यादा बांट दिया ऋण, फिर ऐसे खुली पोल, अब मामले को दबाने की कोशिश में अधिकारी

Thu, 02 Jul 2020 11:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
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लोन सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में मोहिउद्दीनपुर गन्ना विकास समिति में किसानों को साख से आठ गुना कर्ज देने का मामला सामने आया है। वहीं, ऑडिट में पकड़ में आए इस मामले को जिला लेखा परीक्षा कार्यालय और गन्ना विभाग दबाने की कोशिश में हैं।

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गन्ना विकास समितियों की जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायतों द्वारा की जाती है। मोहिउद्दीनपुर गन्ना विकास समिति का वर्ष 2014-15 का ऑडिट गत 16 नवंबर 2018 को शुरू किया गया था। यह बीती 30 सितंबर 2019 को खत्म हो गया। ऑडिट के दौरान समिति में किसानों को 11.92 लाख की साख के सापेक्ष करीब आठ गुना 88.39 लाख रुपये के ऋण की बंदरबांट का मामला पकड़ में आया है। ऑडिटर ने इसकी जानकारी जिला गन्ना अधिकारी दी कि इस तरह के मामले बाकी वित्तीय वर्षों में भी हुए होंगे। अन्य गन्ना समितियों में भी ऐसे भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा होगा। इसलिए गहराई से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने कार्रवाई न करके ऑडिटर को मामले में टीका-टिप्पणी न करने की हिदायत दी। नौ महीने बीत गए परंतु जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और और जिला गन्ना अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की। इससे साफ है कि दोनों विभाग मामले को रफा-दफा करना चाहते हैं।

इस तरह दिया भ्रष्टाचार को अंजाम
चंद्रपुरा निवासी किसान की साख 22,400 रुपये बनी थी। उसे 96,685 रुपये का ऋण दिया।
अतराड़ा निवासी आस मोहम्मद को 7,560 रुपये साख के बदले 1.40 लाख रुपये का ऋण दिया।
धनतला निवासी किसान दयाचंद की साख 8,000 रुपये के सापेक्ष 1.16 लाख रुपये ऋण दिया गया।
खासपुर निवासी किसान अनिल को 8,800 रुपये की साख के सापेक्ष 95,957 रुपये ऋण दिया।
इस तरह समिति ने सैकड़ों किसानों को 11 लाख 92 हजार 734 रुपये की साख के सापेक्ष करीब आठ गुना 88 लाख 39 हजार 205 रुपये का ऋण बांट दिया।

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साख से ज्यादा नहीं दिया जा सकता ऋण
गन्ना विकास समितियां किसानों की साख उसके नाम जमीन के आधार पर बनाती हैं। किसान समिति से खाद, बीज और कीटनाशक आदि उधार में लेेते हैं। इस पर किसान ब्याज देता है। नियमानुसार किसी भी किसान को साख से ज्यादा ऋण नहीं दिया जा सकता है।

क्या बोले अधिकारी
ऑडिटर ने पत्र देकर मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति में किसानों को साख से ज्यादा ऋण उपलब्ध कराने की सूचना दी थी। अभी तक इसकी फाइनल रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी मेरठ

ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे जिला लेखा परीक्षा अधिकारी से बात करके बृहस्पतिवार को ही रिपोर्ट गन्ना विभाग भिजवाएंगे। भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - सुरेंद्र कुमार पांडेय, उप मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी मेरठ मंडल

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