1996 से 2026 तक का बकाया ब्याज समेत देने की मांग
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल मूल गन्ना मूल्य के भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि बकाया राशि पर देय ब्याज भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित भुगतान का निस्तारण कर किसानों को राहत दी जाए।
धरने के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और भुगतान की समस्या का जल्द समाधान करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि न्यायालय के आदेश के बावजूद भुगतान लंबित रहना चिंता का विषय है।
सचिव ने 20 अक्तूबर तक का समय मांगा
धरने की जानकारी मिलने पर सहकारी गन्ना समिति के सचिव प्रदीप यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों की समस्याएं सुनीं और भुगतान के संबंध में कार्रवाई के लिए 20 अक्तूबर तक का समय मांगा। सचिव के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
किसानों ने कहा कि यदि तय समय तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे। अब किसानों की नजर 20 अक्तूबर तक होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
धरने में ये किसान रहे मौजूद
धरने में देवेंद्र चेयरमैन, जयदेव, भूपेंद्र, आकाश, अश्वनी और रविंद्र समेत अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग दोहराई।