माछरा/मुंडाली। माछरा और मुंडाली में रामलीला का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने राजा दशरथ-कैकेयी संवाद और सीता-जन्म के प्रसंगों को प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
माछरा की आदर्श रामलीला में दशरथ-कैकेयी संवाद का मंचन हुआ। कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने पुराने वचन पूरे करने की मांग की। उन्होंने भरत के लिए राजगद्दी और श्रीराम के लिए चौदह वर्ष का वनवास मांगा। यह सुनकर राजा दशरथ स्तब्ध हो गए और उन्हें बहुत पीड़ा हुई। उन्होंने कैकेयी को समझाने का प्रयास किया, पर वह अपने वचनों पर अडिग रहीं। भाजपा नेता अश्वनी त्यागी माछरा, शिवकुमार गुर्जर हसनपुर कलां और संदीप त्यागी मुख्य अतिथि रहे। बिजेन्द्र शर्मा, बोबी त्यागी, अनिल शर्मा, जोशिल त्यागी, तरुण त्यागी, आनंद सैनी, अतुल त्यागी ने व्यवस्था में सहयोग दिया।
मुंडाली में चल रही रामलीला में सीता-जन्म का प्रसंग दर्शाया गया। मिथिला में अकाल पड़ने पर राजा जनक ने ऋषियों के निर्देश पर खेत में हल चलाया। हल का फल धरती में एक स्थान पर टकराया। वहां से उन्हें भूमि में एक सुंदर कन्या प्राप्त हुई, जिसे सीता नाम दिया गया। रामोतार सिंह, सुंदर फौजी और मोंटू गुप्ता ने व्यवस्था बनाने में विशेष सहयोग किया।