वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बीच आ रहे मुस्लिमों के दूसरे बड़े त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने गाइडलाइन जारी की है। जिसमें मुसलमानों से सरकार और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन पर अमल करने तथा दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए कुर्बानी करने का आह्वान किया है।
रविवार को दारुल उलूम के नायब मोहतमिम अब्दुल खालिक मद्रासी की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा कि कुर्बानी अल्लाह की एक अहम इबादत है जिसका कोई बदल नहीं है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि कुर्बानी की इबादत को पूरे अहतमाम के साथ अंजाम दें, क्योंकि अल्लाह ने हर हैसियत रखने वाले पर कुर्बानी को वाजिब किया है।
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नायब मोहतमिम अब्दुल खालिक मद्रासी ने कहा की मुल्क में कोरोना का कहर अभी भी जारी है, ऐसे में सभी की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि महामारी को लेकर सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कुर्बानी करते वक्त दूसरे लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका खास ख्याल रखा जाए। साथ ही शासन प्रशासन ने जहां ईदगाह में नमाज अदा करने की इजाजत न दी हो, ऐसी जगहों पर पूर्व की तरह नमाज घरों और मस्जिदों में तय संख्या के साथ अदा की जाए।
नायब मोहतमिम अब्दुल खालिक मद्रासी ने सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने, जानवरों के अवशेष सड़कों पर न डालने और साफ सफाई का खास ख्याल रखने का आह्वान किया है।