दारुल उलूम ने अपने एक महत्वपूर्ण फतवे में किसी भी शादी या अन्य बड़े समारोह में सामूहिक रूप से मर्दों और औरतों का साथ जाना हराम करार दिया है। इतना ही नहीं मुफ्तियों ने शादियों में खड़े होकर खाने को भी नाजायज करार दिया है।
दारुल उलूम का यह फतवा इसलिए भी खास है क्योंकि आजकल अधिकतर समारोह में मर्दों और औरतों का एक साथ जाने और साथ खाना खाने का चलन तेजी के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में एक शख्स के सवाल पूछे जाने पर फतवा विभाग के मुफ्तियों की खंडपीठ ने फतवा जारी करते हुए कहा है कि मर्दों के साथ औरतों का बारात में जाना नाजायज है।
इसमें कहा गया है कि महिलाएं बारात में शामिल होती हैं तो वे गुनाह में शामिल होती हैं। फतवे के अनुसार बारात में गैर मर्द भी शामिल होते हैं जिनसे बेपर्दगी होती है ऐसे में उन्हें बारात में नहीं जाना चाहिए।