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किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण: पीड़ित पर मामला निपटाने का दबाव, जांच हुई तो फंसेंगे कई अस्पताल संचालक

Wed, 26 Dec 2018 12:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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kidney racket
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हापुड़ रोड स्थित एक अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण के नाम पर 14 लाख रुपयों की ठगी का मामला मंगलवार को सुर्खियों में रहा। हापुड़ रोड स्थित अस्पताल के संचालकों में हड़कंप मचा रहा। पीड़ित महिला तबस्सुम के भाई हाजी अकरम ने बताया कि खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल संचालक द्वारा मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। बुधवार को पीड़ित परिवार के लोग एसएसपी और सीएमओ से मिलेंगे।

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हापुड़ अड्डा निवासी हाजी अकरम का आरोप है कि हापुड़ अड्डा स्थित एक अस्पताल के संचालक ने किडनी रोग से ग्रसित उनकी बहन तबस्सुम का ऑपरेशन और किडनी प्रत्यारोपण करने के नाम पर हल्की सर्जरी कर 14 लाख रुपये ठग लिए। मरीज की हालत बिगड़ने के बाद परिवार के लोग उसे दूसरे अस्पताल ले गए तो इसका पता चला। 

हाजी अकरम के अनुसार मंगलवार को खबर प्रकाशित होने के बाद उन पर सुबह से ही कॉल आने लगीं। 14 लाख रुपये में छह लाख रुपये वापस करने को कहा गया। हाजी अकरम के अनुसार उन्हें पैसों का कोई दुख नहीं है। लेकिन ये लोग दूसरों के साथ ऐसा धोखा न करें, इसलिए आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई होनी अत्यंत आवश्यक है। हाजी अकरम ने बताया वो दो दिनों से दिल्ली में हैं। संभवतया बुधवार को मेरठ पहुंचकर एसएसपी व सीएमओ शिकायत करेंगे। जिससे आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। 

किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत बेंद्रे का कहना है कि करीब दो माह पूर्व मरीज तबस्सुम उनके पास गंभीर हालत में आई थी। मरीज के पेट की साइड में कट का निशान था। किडनी प्रत्यारोपण नहीं किया गया। वो कहां ले गये थे, इसके बारे मेें मरीज के परिवार के लोग जानते हैं। लेकिन मेरे पास मरीज बेहद गंभीर स्थिति में आई थी। किडनी मरीज को डायलेसिस की जरूरत पड़ती है। जबकि मरीज को किडनी प्रत्यारोपण बताकर डायलेसिस के लिए मना कर दिया गया। 
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जांच हुई तो फंसेंगे कई अस्पताल संचालक 
हापुड़ रोड पर कई अस्पतालों में गैरकानूनी कार्य हो रहे हैं। अगर जांच हुई तो कई अस्पतालों के डाक्टर व संचालकों का फंसना तय है। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि इस मामले में पीड़ित परिवार को एफआईआर लिखवानी चाहिए। जबकि स्वास्थ्य विभाग से भी शिकायत करनी चाहिए। जिसके बाद वो मामले में जांच बैठाकर कार्रवाई करेंगे। 

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