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छुट्टी के दिन स्मॉग का कर्फ्यू

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मेरठ: मेरठ-दिल्ली देहरादून एनएच 58 पल्लवपुरम में सुबह के समय हाइवे पर छाई स्मॉग की चादर। - फोटो : MODIPURAM
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मोदीपुरम (मेरठ)।
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जिले में लगातार बढ़ रहे स्मॉग ने रविवार को छुट्टी के दिन शहर में कर्फ्यू सा लगा दिया। दिनभर वातावरण में छाई रही धुंध के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकले। धूप भी नहीं नजर आई। जो लोग घरों से निकले उन्हें आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिल्ली, गजियाबाद के बाद मेरठ भी गैस चेंबर बनता जा रहा है। रविवार को मेरठ का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 445 तक पहुंच गया।
नवंबर माह की शुरूआत से ही शहरवासियों को स्मॉग की मार झेलनी पड़ रही है। पिछले दो दिन थोड़ा सुधरने के बाद एनसीआर में फिर से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक स्मॉग से राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। रविवार को मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 89 व न्यूनतम 50 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की रफ्तार शून्य रही।
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शून्य रही हवा की रफ्तार
मोदीपुरम। मौसम वैज्ञानिक एन सुभाष के अनुसार, रविवार को हवा की गति शून्य रही। इस कारण वातावरण में स्मॉग का असर अधिक रहा। रात होते ही इसका असर और बढ़ता गया। हवा की गति कम रहने और मौसम में नमी के दौरान धूल कण ज्यादा प्रभावी हो जाते है। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।
इस माह मेरठ का एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
1 410
2 371
3 445
क्या है पीएम 2.5
पीएम को पर्टीकुलेट मैटर कहा जाता है। इसे कण प्रदूषण भी कहते हैं। ये वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण है। इन्हें इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 और पीएम 10 की मात्रा 100 होनी चाहिए। यह मानक ही सांस लेने के लिए सुरक्षित माना जाता है। इनका बढ़ा स्तर खतरनाक माना जाता है। इससे सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
क्या है पीएम 10
इसे रेस्पायरेबल पार्टिकुलेट मैटर कहा जाता है। इन कणों का आकार 10 माइक्रोमीटर होता है। इसमें धूल और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम10 और 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन और कूडा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है। इसके कारण उक्त रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
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वर्जन---फोटो
दो दिन तक मेरठ की हवा में सुधार था, लेकिन रविवार को हवा की गति शून्य रहने के कारण एक्यूआई बढ़ गया। विभाग द्वारा गठित टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। प्रदूषण रोकने के लिए टीमें सक्रिय हैं। -आरके त्यागी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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