संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू परिसर में मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम मलिक पर हमले के आरोपी देव राणा की रिहाई से पहले सोमवार शाम जेल के बाहर भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और भीड़ को हटाकर वहां से दौड़ा लिया। कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ भी लिया, जिन्हें बाद में माफी मांगने पर चेतावनी देकर छोड़ा गया।
नौ मई की रात 11 बजे मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक और विक्रांत अपने दोस्त अर्पित को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष हॉस्टल छोड़ने गए थे। आरोप है कि वहां विनय उर्फ सुच्चा, सिद्धार्थ कसाना, आदित्य यादव और देव राणा ने शुभम मलिक पर हमला कर दिया था। जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी भाग गए थे। हमले की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। आरोपी सिद्धार्थ कसाना ने हापुड़ में एक पुराने मामले में सरेंडर किया था। आदित्य को मेडिकल पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विनय और देव राणा पर पुलिस ने 25-25 हजार के इनाम घोषित किया था। दोनों आरोपी 15 मई को कोर्ट में सरेंडर कर जेल चले गए।
देव राणा को जमानत मिलने के बाद सोमवार को जेल से रिहाई हो रही थी। स्वागत करने के लिए काफी छात्र जेल के बाहर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर सीओ अभिषेक तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रों की भीड़ को लाठी फटकार कर काफी दूर तक दौड़ाया। कुछ छात्रों को पकड़कर पुलिस जीप में बैठा लिया। बाद में उनके माफी मांगने पर छोड़ दिया। इसके बाद देव राणा की रिहाई हुई। पुलिस ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सीओ ने बताया कि रिहाई के समय हर शाम जेल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी की रिहाई पर जुलूस आदि निकाला गया तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।