सरधना। कालंद गांव में रजबहे की पटरी टूटने से कई किसानों के सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। पानी का बहाव इतना अधिक था कि किनारे बनी पक्की सड़क भी पानी के साथ बह गई। इससे कई गांवों का संपर्क आपस में कट गया। घटना के बाद ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कालंद गांव से गुजरने वाला रजबहा राइट जोली आसपास के कई गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई का मुख्य साधन है। रजबहे के किनारे से गुजरने वाली पक्की सड़क भी गांवों को जोड़ती है। दो दिन पूर्व रात में अचानक रजबहा किसान खालिद के नलकूप के पास टूट गया। टूटी पटरी से सरताज, मन्नान सहित कई किसानों के सैकड़ों बीघा खेतों में पानी भर गया। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। वहीं पास में स्थित ईलमचंद का कोल्हू भी पानी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। तेज बहाव के चलते रजबहे के किनारे बनी पक्की सड़क भी टूटकर बह गई। इससे गांवों का संपर्क बाधित हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार रातभर खेतों में पानी भरता रहा। सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो नुकसान का पता चला। सिंचाई विभाग को सूचना देकर पानी बंद कराया गया लेकिन सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी दो दिन तक मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद मंगलवार को सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रजबहे की मरम्मत शुरू कराई। फिलहाल रजबहा और रास्ता दोनों बंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पटरी दुरुस्त कराने और संपर्क मार्ग बहाल करने की मांग की है।