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मेरठ: कार में दो लाश मिलने से सनसनी, सामने आई मौत की ये बड़ी वजह

Fri, 10 May 2019 03:02 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौके पर जांच करती फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में भोला की झाल पर गुरुवार देर रात एक कार में दो लोगों की लाश मिलने पर हड़कंप मच गया। कार की अगली खिड़की के लॉक खुले थे जबकि शीशे बंद थे। एसपी देहात और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे। अंदेशा कि दोनों की मौत कार में दम घुटने से हुई। 

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जानी थानाक्षेत्र के भोला की झाल स्थित बिजलीघर के सामने रात करीब 8:30 बजे ग्रामीणों ने एक कार में दो व्यक्ति अगली सीटों पर लेटे देखे। कोई हरकत न होने पर ग्रामीणों ने भोला की झाल पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को कार की अगली दोनों खिड़कियों के लॉक खुले मिले। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों की हालत देखी तो दोनों मृत मिले। एक व्यक्ति शर्ट नहीं पहने था, जबकि दूसरा व्यक्ति पेंट व शर्ट पहने था। दोनों के पैर डैस बोर्ड पर थे और हाथ सीने पर रखे थे। कार की तलाशी में एक व्यक्ति की जेब से ब्रजपाल (45) पुत्र राम सिंह निवासी अब्दुल्लापुर मेरठ की आईडी और मोबाइल मिला। इसी दौरान उस मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने नाम सत्यपाल सिंह बताया। उससे ब्रजपाल के बारे में पूछा तो बताया कि वह उसका छोटा भाई है, जो उद्योगपुरम परतापुर में एसडीओ कुलदीप तोमर की इंडिगो कार चलाता था। 

घटना की सूचना पर एसपी देहात अविनाश पांडेय, फोरेंसिक टीम और सत्यपाल सिंह मौके पर पहुंचे। सत्यपाल ने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह ब्रजपाल घर से बताकर गया था कि एसडीओ शहर से बाहर गए हैं। वह कार की बैटरी ठीक कराकर घर जल्दी लौट आएगा। देर रात उद्योगपुरम बिजलीघर के कर्मचारियों ने दूसरे व्यक्ति की पहचान नरेंद्र त्यागी (55) पुत्र बाबूराम निवासी फाजलपुर कंकरखेड़ा के रूप में की। वह बिजलीघर पर गार्ड था।

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एसपी देहात का कहना है कि दोनों लोगों के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। अंदेशा है कि दोनों लोगों की मौत कार में दम घुटने से हुई होगी। जांच में कार का एसी चला हुआ था, जिसमें से कार्बन मोनोआक्साइड गैस निकली। अंदेशा है कि दोनों लोग होश में नहीं थे और गैस के चलते कार में उनका दम घुट गया। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।

कार में एसी चलाएं तो रखें ध्यान 
- एसी चलने के दौरान शीशे बंद होते हैं। इससे बाहर की ताजी हवा नहीं आती है। सांस से कार्बन डाई ऑक्साइड भी कार के अंदर ही रहती है। इसके अलावा इंजन से निकली मोनोऑक्साइड गैस भी एसी के रास्ते गाड़ी में प्रवेश कर जाती है। 
- बंद गाड़ी में एसी के साथ आने वाली गैसें धीरे-धीरे शरीर के अंदर चली जाती हैं। अगर व्यक्ति सोया हुआ है तो उसे बिल्कुल भी ध्यान नहीं रहता है कि उसके शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। शरीर में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा ज्यादा होने से सांस लेने में मुश्किल होती है और कई बार तो दम घुटने से मौत भी हो जाती है।
- कार में एसी चला रहे हैं तो शीशे को थोड़ा खोल दें। इससक कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाएगी और ऑक्सीजन अंदर आएगी। कार में बैठे में लोगों को सांस लेने में कोई भी समस्या नहीं होगी।

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