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तजाकिस्तान से एसपी सिटी और एसपी क्राइम को धमकी

Sun, 03 Feb 2019 02:46 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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meerut - फोटो : meerut
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 मेरठ के एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक और एसपी सिटी रणविजय सिंह को शनिवार सुबह इंटरनेट कॉलिंग के जरिये जान से मारने की धमकी मिलने और पांच लाख की रंगदारी मांगने से सनसनी फैल गई। धमकी देने वाला नंबर मोबाइल स्क्रीन पर उज्जैन मध्यप्रदेश के उपदेश राणा की आईडी से फ्लैश हुआ। जबकि सीडीआर में तजाकिस्तान का कोड मिला। सर्विलांस एक्सपर्ट कहते हैं कि इंटरनेट से कॉल फारवर्ड कर दोनों अधिकारियों को कॉल की गई। कालिंग का रूट मध्यप्रदेश बताया गया। अंदेशा है कि यह किसी सिरफिरे की करतूत है।
सुबह 5:50 बजे आई कॉल
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक के सीयूजी नंबर पर सुबह 5:50 बजे कॉल आई। कॉलर ने अपशब्द कहकर धमकी दी कि गोली मार दूंगा। स्क्रीन पर 10 नंबर की ही सीरीज थी। एसपी ने कॉल काट दी। कॉलर अपनी हरकत से बाज नहीं आया। उसने फिर कॉल की और ऐसा ही रवैया अपनाया। एसपी ने कई बार पूछा कि कौन बोल रहे हो। छह-सात बार कॉलर ने ऐसा ही किया। एसपी ने सर्विलांस से नंबर की डिटेल निकलवाई। जिसमें उज्जैन मध्यप्रदेश के उपदेश राणा का नंबर निकला है। एसपी ने उसको कॉल की। उपदेश राणा ने कोई कॉल न करने की बात कही। उसके बाद एसपी ने अपने मोबाइल की सीडीआर निकालवाई, जिसमें शुरू के तीन नंबर में तजाकिस्तान का कोड था।
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6:10 बजे एसपी सिटी को कॉल
एसपी सिटी रणविजय सिंह को भी सुबह 6:10 बजे उसी नंबर से कॉल की गई। कॉल रिसीव होते ही कॉलर ने गाली गलौज करते हुए धमकी दी। पांच लाख की रंगदारी मांगी। धमकी दी कि पैसा नहीं दिया तो गोली मार देंगे। कॉलर ने कहा कि वह तजाकिस्तान से बोल रहे हैं। एसपी सिटी को भी छह-सात बार कॉल की गई। एसपी ने भी इसकी जांच सर्विलांस को दी। जिसके बाद एसपी सिटी और एसपी क्राइम को पता चला कि दोनों को एक ही कॉलर ने धमकी दी है।
डीजीपी को ट्वीट किया
पुलिस अधिकारियों ने उज्जैन के उपदेश राणा को कॉल कर इस बारे में पूछा। बार-बार कॉल करने से वह घबरा गया। उपदेश राणा ने डीजीपी ओपी सिंह के अकाउंट पर ट्वीट कर दिया। जिसके बाद इसकी जानकारी सामने आई। डीजीपी तक मामला पहुंचा तो दोनों अधिकारियों से इसके बारे में जानकारी ली गई। दोनों अधिकारियों ने उक्त नंबर से धमकी मिलने की बात कही। पुलिस और सर्विलांस टीम इस मामले की जांच करने में जुटी है।
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गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट
गृह मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। लोकल के किसी शातिर युवक पर अंदेशा है। सर्विलांस की जांच में सामने आया कि इंटरनेट कॉलिंग से फारवर्ड करके कॉल की गई है। ऐसा एक एप है, जिससे कॉल फारवर्ड की जा सकती है।  -अखिलेश कुमार, डीआईजी मेरठ
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