मुजफ्फरनगर जनपद के मंसूरपुर क्षेत्र में तीन साल पहले महिला से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) ने अभियुक्त ई-रिक्शा चालक को दोषी करार देते हुए सात साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला 19 जनवरी 2017 को मंसूरपुर आई थी। शाम के समय वह घर लौटने के लिए अजमतगढ़ निवासी सर्वेश उर्फ शेरू पुत्र सुमेरचंद की ई-रिक्शा में सवार हुई थी। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक महिला को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के रजबहे से होते हुए जंगल में ले गया, जहां उसने महिला को बलकटी से आतंकित कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। महिला की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए आरोपी सर्वेश उर्फ शेरू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया था। सेशन सुपुर्द होने के बाद दुष्कर्म के इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम में न्यायाधीश अंकुर शर्मा के समक्ष हुई।
यह भी पढ़ें: अदालत ने पोक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म के आरोपी को सुनाई दस साल की सजा, 17 हजार रुपए लगाया जुर्माना
अभियोजन की ओर से एडीजीसी रीतू चौधरी ने चार गवाह पेश कर ठोस सबूत प्रस्तुत किए। इसके आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी सर्वेश उर्फ शेरू को दुष्कर्म का आरोपी करार देते हुए गुरुवार को उसे सात साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/