काली नदी पुल के पास बृहस्पतिवार शाम पशुओं से भरा कैंटर पकड़ने के बाद भाजपाइयों और भीड़ ने खरखौदा थाने पर करीब डेढ़ घंटे तक बवाल काटा। कैंटर में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की। हापुड़ रोड जाम कर दी गई। अफसरों से तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।
कोल गांव स्थित काली नदी के पुल पर पशुओं से भरे कैंटर ने एक बाइक में साइड मार दी दी। इसी बीच भाजपा नेता मुखिया गुर्जर, रोबिन गुर्जर ,रविंद्र गुर्जर आदि अपने समर्थकों के साथ वहां से गुजर रहे थे। पशुओं भरा कैंटर देखकर भाजपाइयों ने कैंटर चालक और उसमें सवार लोगों से हाथापाई कर दी और उन्हें कैंटर समेत थाना खरखौदा ले गए। आसपास के गांवों के भी सैकड़ों लोग भी थाने पहुंच गए। भीड़ ने कटान के लिए पशु ले जाने का आरोप लगाते हुए कैंटर में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की। सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मेरठ-हापुड़ रोड जाम कर दी।
भीड़ थाने में घुसकर कैंटर चालक और उसके साथियों पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़ गई। थाने में नाममात्र के पुलिसकर्मी थे। लोगों की परेशानी देख शाम सात बजे जाम खोल दिया गया। लेकिन भीड़ थाने के बाहर डटी रही। थाने पहुंचे इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष सक्सेना ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, तो भीड़ क्षेत्र में पशु कटान का आरोप लगाकर उनसे ही भिड़ गई। सूचना पर सीओ किठौर विनोद सिरोही, प्रशासनिक अफसर संतोष बहादुर कई थानों की पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ पहुंच गए। अफसरों को चिंता थी कि मामला सांप्रदायिक तूल न पकड़ ले। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भगदड़ में कई लोग चोटिल हो गए। हंगामे के बाद मुखिया गुर्जर आदि वहां से चले गए।
यह हुआ केस दर्ज
इंस्पेक्टर ने बताया कि रविंद्र गुर्जर की तहरीर पर कैंटर चालक और उसमें सवार अन्य लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। वहीं, मुखिया गुर्जर, रविंद्र गुर्जर और रोबिन गुर्जर आदि नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ ,बलवा, धारा 144 का उल्लंघन, आचार संहिता का उल्लंघन, माहौल खराब करने सहित 7 सीएल एक्ट आदि संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
गलत करोगे तो जेल भी भेजूंगा
इंस्पेक्टर खरखौदा और मुखिया गुर्जर के बीच तीखी झड़प हुई। मुखिया गुर्जर इंस्पेक्टर से बोले कि पशु तस्करी रोकना पुलिस का काम है। यदि पुलिस इसे नहीं कर सकती तो हम खुद देख लेंगे। इंस्पेक्टर ने हर काम कानूनी दायरे में होने की बात कह मुखिया गुर्जर से पूछा कि कैंटर में तोड़फोड़ क्यों की। मुखिया के इंकार करने पर दोनों में गर्मागर्मी हो गई। मुखिया ने इंस्पेक्टर से कह दिया कि लिख दो उन पर मुकदमा। भेज दो जेल। इंस्पेक्टर ने चिल्लाकर कहा कि लिखूंगा, जरूर लिखूंगा। गलत करोगे तो जेल भी भेजूंगा। मुखिया ने यहां तक कह दिया कि लो मुझे मारो। सीओ ने बमुश्किल दोनों को शांत किया।
बरेली से आए थे पशु
कैंटर चालक गढ़ निवासी सलीम ने बताया कि वह बरेली से अलीपुर मीट प्लांट में 26 पशु लेकर आया था। उसके साथ उसके दो बेटे और एक चालक ताहिर हैं। पशुओं के सभी कागज हैं। आरोप लगाया कि बवाल के दौरान भीड़ ने चार पशु लूट लिए।
हमने कुछ गलत नहीं किया
प्रचार से लौटते समय रास्ते में कैंटर मिला, जिसमें पशुओं को बुरी तरह ठूंसा हुआ था। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पशु कटान हो रहा है। पुलिस उसे रोक नहीं रही। भाजपा समर्थक कैंटर और उसमें सवार लोगों को थाने लेकर चले गये तो क्या गलती की। कैंटर में तोड़फोड़ किसने की, हमें नहीं पता। बेवजह उन्हें और भाजपाइयों को फंसाया जा रहा है। -मुखिया गुर्जर, भाजपा नेता
कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं
कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं। कैंटर में पशु थे तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए थे। थाने पर कैंटर ले भी आए थे तो शांतिपूर्वक अपनी बात कहते। चुनावी माहौल में भीड़ जुटाकर बवाल करना, कैंटर में तोड़फोड़ कर अराजकता का माहौल पैदा करना गैर कानूनी है।- विनोद सिरोही, सीओ किठौर