मेरठ में अब्दुल्लापुर के शिव मंदिर के सेवादार कांति प्रसाद (60) की हत्या के मामले में भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने गुरुवार को अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इस प्रकरण में सामने आए हिस्ट्रीशीटर के कुछ पुलिसकर्मियों के संबंधों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि विकास दुबे जैसे हिस्ट्रीशीटर इस तरह की शह से बनते हैं। इस बार समय रहते प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।
सेवादार के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे सांसद ने कहा कि दो दिन पहले यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। इसमें कोई शक नहीं कि सांप्रदायिक विद्वेष इसके अंदर था। एक बुजुर्ग व्यक्ति को जिसका कोई अपराध नहीं था, उनकी तरफ से ऐसी कोई बात नहीं थी।
उनको बुरी तरह से मारा और उनकी मृत्यु हो गई। इसमें इससे ज्यादा एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि जिस व्यक्ति का संरक्षण हत्या करने वालों को है, वो व्यक्ति थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर है। समाचार पत्रों में भी यह बात आई है। लोग भी जानते हैं।
सांसद के अनुसार 2-3 साल पहले भी यहां एक विवाद हुआ था, उस संबंध में भी उन्होंने कहा था। हिस्ट्रीशीटर का थाने के साथ या जो पुलिसकर्मी हैं, उनके साथ कुछ उठना बैठना रहता है और इसलिए उसकी हिम्मत बढ़ती है। बकौल सांसद, मैं आज इस बात को फिर कह रहा हूं कि विकास दुबे जैसे जो अपराधी हैं, वो इसी प्रकार की शह से निर्माण होते हैं। यदि अभी इसको प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया गया तो आगे और समस्या पैदा हो सकती है।
ये केवल हिंदू-मुस्लिम का मामला नहीं
भाजपा सांसद ने कहा कि ये बिल्कुल हिंदू-मुस्लिम का मामला केवल नहीं है। वो एंगल है जरूर इसके अंदर। लेकिन उसके द्वारा जो सताए गए लोग हैं, मुस्लिम समाज के लोग भी हैं। भूमाफिया के रूप में, अपराधी के रूप में उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। केवल एक व्यक्ति को जेल भेजकर बात पूरी नहीं होगी। जो इसका किंग पिन है। जो इन सबको चलाता है उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम तक पहुंचेगी बात
सांसद ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात करने के साथ ही वे मुख्यमंत्री तक भी इस बात को पहुंचाएंगे। वहीं, बुधवार को धरने के दौरान एक दरोगा द्वारा युवक का लाठी मारकर सिर फोड़ने के मामले में सांसद ने कहा कि उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में ऐसा नहीं होना चाहिए था। दरोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। ऐसे में अधिकारियों को भी संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए था।
ये रहे मौजूद
अंकित बंसल, हर्ष गोयल, पार्षद शौकत अली, सुशील कांबोज, हरवीर पाल, संदीप खटीक, कृष्ण कश्यप, बंटी बजरंगी, अर्जुन राठी, जयदीप गोयल, अमित नामदेव।
केवल पांच हजार की मिली मदद
पीड़ित परिवार ने बताया कि बृहस्पतिवार को तहसील से पटवारी पवन भारती व कानूनगो आए थे। जोकि मदद के रूप में पांच हजार रुपए देकर लौट गए। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मदद के लिए पटवारी ने कागज मांगे थे, जो दे दिए गए हैं।