इस गिरोह ने व्हाट्सएप और ओएलक्स पर फर्जी आईडी बनाकर अपने को भारतीय सेना में दिखाते थे जिससे लोग आसानी से विश्वास कर सकें। जिसके बाद बाइक, स्कूटी, कार, साइकिल, मोबाइल फोन बेचने का प्रचार कर एडवांस में रकम ऑनलाइन, फोन पर, पेटीएम व खातों में डलवा लेते थे। आरोपियों पर मथुरा और मेरठ में 11 मुकदमे दर्ज हैं।
फरार आरोपी
सरियत निवासी देवसेरस, तालिम निवासी देवसेरस, शाहरुख निवासी देवसेरस, सैकुल निवासी देवसेरस, ईशाक निवासी गौमरी भरतपुर और मुबारिक निवासी मुडसेरस थाना दौलतपुर मथुरा।
इन लोगों से की ठगी
किठौर निवासी नर्सरी के मालिक आरिफ ने बताया कि एक व्यक्ति ने आर्मी से बताकर कॉल की थी। कहा था कि मुझे एक लाख रुपये कीमत के पेड़ और फूलों की आवश्यकता है। जिसे बाद खाते की डिटेल लेकर एक लाख रुपये ही उड़ा दिए। मुंडाली के मेघराजपुर निवासी रवित ने बताया कि एक व्यक्ति ने कहा था कि तुम्हारी चचेरी बहन का देवर बोल रहा हूं। कुछ पैसों की जरूरत है। उसके बाद ओटीपी नंबर पूछकर 55 हजार खाते से निकाल लिए। तोपखाना बाजार निवासी मयंक गर्ग ने बताया कि मुझसे फ्रीज खरीदने की बात कहकर लिंक भेजा। उसके बाद 84 हजार रुपये उड़ा दिए गए। तीनों ही पीड़ित व्यक्ति भी पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में पहुंचे।
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