मरने से पहले किया संघर्ष
भंवर सिंह ने मरने से पहले जान बचाने के लिए संघर्ष किया क्योंकि दुकानों में चारों तरफ सामान बिखरा हुआ था। उसने शोर भी मचाया होगा। लेकिन किसी को आवाज तक नहीं सुनाई दी। आरोपी ने दुकान के अंदर ही दबोच लिया। एक से ज्यादा आरोपियों के घटना में शामिल होने की संभावना है।
बेटे की भी हो चुकी है हत्या
भंवर सिंह यादव के तीन बेटे महकार, बिल्लू और मनोज थे। बड़े बेटे महकार की 25 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। दूसरे बेटे बिल्लू की पांच साल पहले प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या कर दी गई थी। भंवर सिंह बेटे बिल्लू के परिवार के साथ रहता था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/