भावना हत्याकांड में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार में पुलिस के प्रति रोष है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य के आवास पर मंगलवार को आयोजित हुई पंचायत में निर्णय लिया गया कि अगर 30 दिसंबर तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो वह जमालपुर गांव में 31 दिसंबर को महापंचायत कर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य पूनम चौधरी की पुत्रवधु भावना की हत्या के मामले में आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय गया था। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण पल्लवपुरम फेज दो स्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य के आवास पर पहुंचे और वहां पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो 31 दिसंबर को जमालपुर गांव में भावना की तेरहवीं पर महापंचायत होगी।
जेल में बंद ब्रजवीर सिंह के मामा जिला जाट महासभा उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह सिवाच ने कहा कि आरोपी जमालपुर गांव में खुलेआम घूमकर धमकी दे रहे हैं, पुलिस ने अभी तक कोई दबिश नहीं दी है। पंचायत में जमालपुर के अलावा, ललसाना, भगवानपुर समेत कई गांवों के लोग मौजूद रहे। इस दौरान उदयवीर सिंह, रामबीर सिंह, भारतवीर, विक्रम सिंह, भरत सिंह, दीपक मलिक, महीपाल, कमलेश, गोपाल सिंह, संजय, पंकज सांगवान आदि रहे।
सांत्वना देने पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष
मंगलवार दोपहर पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह पहुंचे। जिलाध्यक्ष को देखकर जहां पीड़ित परिवार ने उनसे सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं वहीं सपा नेताओं पर उत्पीड़न कराने का भी आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। सपा नेता पीड़ित परिवार के साथ है। वह एसएसपी से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। इस दौरान जयवीर सिंह ने कहा कि मुझे जल्दी आना चाहिए था, लेकिन मैं देर से आया कुछ व्यस्तता थी। जयवीर सिंह ने कहा कि ब्रजवीर सिंह उर्फ मुन्नू का उन पर अहसान है। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य चुनाव में उनकी बहुत मदद की थी। जिसके बाद वह चुनाव जीते थे।