ट्रांसपोर्ट नगर में बुधवार रात युवक की मौत को लेकर ढाबे में तोड़फोड़ कर आग लगाने के मामले ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ लिया। गुस्साए परिजनों, महिलाओं और लोगों ने ट्रांसपोर्ट नगर में जाम लगाकर हंगामा किया। आरोप था कि युवक की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। उधर, डीआईजी ने एसओ टीपी नगर से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
आरोप था कि टीपी नगर निवासी सोनू ने ट्रांसपोर्ट नगर मोड़ स्थित एक ढाबे से हरियाणा मार्का शराब खरीदी थी। आरोप था कि शराब जहरीली थी, जिसके चलते सोनू की मौत हुई। लोगों ने ढाबे में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी थी। ढाबा मालिक ने थाने पहुंचकर आरोप गलत बताते हुए हंगामा किया था। पुलिस ने इस मामले में हंगामा करने वालों में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और हंगामा शुरू कर दिया। जाम लगाने के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि टीपीनगर पुलिस अवैध और जहरीली शराब बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रही। उल्टा पीड़ित पक्ष को ही परेशान कर रही है। हंगामे के बीच ही जब लोग सोनू का शव लेकर पहुंचने लगे तो थाने से एक दरोगा और दो सिपाही मौके पर पहुंच गए और लाश को लाने से रोक दिया।
उधर, अवैध शराब को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस पर क्षेत्र में अवैध शराब बेचने का आरोप लगाया। इस दौरान लोगों की पुलिस से तीखी नोकझोंक और हाथापाई तक हो गई। हालांकि इतना सब कुछ होने पर भी एसओ टीपी नगर मौके पर नहीं पहुंचे।
डीआईजी ने मांगा स्पष्टीकरण
डीआईजी आशुतोष कुमार को जब जहरीली शराब से युवक की मौत और लोगों के हंगामे की सूचना मिली तो उन्होंने एसओ टीपीनगर से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। डीआईजी ने पूछा कि आखिर क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब कैसे बिक रही है। थाना पुलिस इसे क्यों नहीं रोक रही है। उन्होंने घटना के बाद और हंगामे के दौरान मौके पर न जाने को लेकर एसओ प्रशांत कपिल से जवाब मांगा है।