कारोबारी मनोज गुप्ता को अपनी खूबसूरती के जाल में फंसाकर अपहरण में अहम किरदार निभाने वाली ममता मसीह को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। ममता ने खुलासा किया कि 20 लाख रुपये के लिए वह साजिश में शामिल हुई। विनय त्यागी उर्फ टिंकू के इशारे पर षड्यंत्र रचा गया था।
मोहल्ला स्वामीपाड़ा, कोतवाली निवासी मनोज गुप्ता का बीती 18 फरवरी की रात प्रेम नगर देहरादून डूंगा स्थित फार्म हाउस से हुआ था। प्रारंभिक जानकारी में मनोज का एक महिला मित्र के साथ अपहरण होने की बात सामने आई थी। जबकि मनोज की सकुशल बरामदगी के बाद यह महिला मित्र अपहरण की साजिश में शामिल होना पाई गई थी। पुलिस के अनुसार इस युवती ममता मसीह (26) निवासी रंगपुरी महिपालपुर दिल्ली (मूलरूप से उज्जैन) को गिरफ्तार कर लिया गया।
एक माह पहले हुई मुलाकात
सोमवार को पुलिस ने ममता को मीडिया के सामने पेश किया। गुड़गांव के स्पा सेंटर में काम करने वाली ममता ने बताया कि पिछले माह उसके परिचित विकास त्यागी ने विनय त्यागी से गुड़गांव में उसकी मुलाकात कराई थी। पहले तो उसने अपहरण में शामिल होने से इनकार कर दिया था, लेकिन 20 लाख रुपये के लालच में वह साजिश में शामिल हो गई।
मिस्ड कॉल से फंसाया
मनोज को मिस्ड कॉल करने के लिए उसे 22 दिन पहले मोबाइल और सिम विनय त्यागी ने दिया था। मिस्ड कॉल का जवाब मिलने के बाद उसकी मनोज से बातचीत शुरू हुई। नौ फरवरी को दिल्ली एक रेस्तरां में पहली मुलाकात हुई। 18 फरवरी की सुबह मनोज ने उसे मेरठ बाईपास से पिक किया था।
साथियों ने कर लिया अपहरण
ममता ने मनोज को अकेले रहने की बात कहकर कार चालक को देहरादून से उतरवा दिया था। फार्म हाउस पहुंचने पर देर रात अपने साथियों को मेसेज कर मनोज के सो जाने की बात बताई थी। जिसके बाद पहुंचे उसके चार साथियों ने उसका अपहरण कर लिया था।
ममता को बनाया ढाल
चार बदमाश आई-10 कार में आए थे। लेकिन मनोज को अपहरण करने के बाद ममता के साथ इनोवा गाड़ी में बैठाया गया, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो। अपहरण करने के बाद मनोज को हरिद्वार के रास्ते मुरादाबाद के पाकबाड़ा ले जाया गया। जहां से वह दो साथियों के साथ मेरठ चली गई थी।
विनय की तलाश में दबिश
एसएसपी देहरादून डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि विनय त्यागी की तलाश में खाईखेड़ी और मेरठ स्थित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। वांछित पांच बदमाशों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।