पंजाब से किठौर हथियारों का सौदा करके जा रहे तीन असलाह तस्करों को क्राइम ब्रांच और परीक्षितगढ़ पुलिस ने कैली रामपुर से किठौर रोड के बीच मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इस दौरान राधना का असलाह सरगना मौके से भागने में सफल रहा।
एसएसपी डीसी दूबे ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि सूचना मिली थी कि पंजाब नंबर की आई-20 कार से कुछ लोग किठौर के राधना गांव में अवैध हथियार खरीदने आएंगे। ये बदमाश राधना निवासी असलाह सरगना रईस कुरैशी से सौदा करेंगे। जिस पर क्राइम ब्रांच के प्रभारी संजीव कुमार और एसओ परीक्षितगढ़ श्यामवीर सिंह ने मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे कैली रामपुर-किठौर रोड की घेराबंदी कर ली थी।
ये हुए गिरफ्तार
सतनाम सिंह पुत्र हरवंश निवासी धीरोवाल थाना आदमपुर जालंधर पंजाब
राजेश उर्फ सोनू पुत्र रोशनलाल निवासी रकरान डाहा थाना बालाचोर नवां शहर, पंजाब
गुरप्रीत सिंह पुत्र राज सिंह निवासी झंडा सराय थाना करतारपुर जालंधर, पंजाब
बरामद हथियार
4 पिस्टल 32 बोर, एक तमंचा ,आठ कारतूस 32 बोर, एक कारतूस 315 बोर, आई-20 कार।
सीट के नीचे मौत का सामान
ये तस्कर हथियारों को सीट के नीचे छिपाते थे। सीट के नीचे काफी गहराई होती है, उसमें असलहों को छिपाकर ऊपर से कपड़ा रख देते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने यहीं से यह हथियार बरामद किए।
पंजाब में दर्ज हैं संगीन धाराओं में केस
एसएसपी के अनुसार आरोपी राजेश, गुरप्रीत और सतनाम पर जालंधर के कई थानों में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, विस्फोटक पदार्थ फेंकना, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट जैसे डेढ़ दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। एक बार राजेश पुलिस से बचने के लिए बेल्जियम भी भाग गया था।
लंबे समय से चल रहा धंधा
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे काफी समय से राधना से पिस्टल आदि हथियार खरीदकर ले जा चुके हैं। रईस से एक पिस्टल करीब 25 हजार में मिलती थी। जिसे पंजाब में 30 से 35 हजार रुपये तक बेचा जाता था। पिस्टल का लुक काफी अच्छा होता है। जो देखने में विदेशी पिस्टल जैसी लगती है। जिस कारण उसके अच्छे रेट मिल जाते हैं।
हथियारों की मंडी राधना
तमंचों की खेती को लेकर किठौर का राधना गांव पहले भी सुर्खियों में रहा है। एसएसपी के अनुसार अमूमन इस तरह की पिस्टलों की आमद मुंगेर (बिहार) से होती है। रईस के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि ऐसी पिस्टल जिले में ही बन रही हैं या फिर उन्हें तस्करों से खरीदकर आगे बेचता है।