नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
सुरक्षा एजेंसियां स्लीपिंग सेल्स का नेटवर्क तोड़ने की कोशिश में लगी हैं। इसके लिए स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी है। माना जा रहा है कि आईएसआई एजेंटों के संपर्क हथियार सप्लायरों से भी हैं। हथियार सप्लायरों की सूची सुरक्षा एजेंसियों ने पुलिस से मांगी है। उसके सहारे स्लीपिंग सेल्स तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
एनआईए व एटीएस कई बार मेरठ आई और हथियार सप्लायरों को ढूंढा जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि आतंकियों के संगठनों को हथियार वेस्ट यूपी का सप्लायर देता है। इस मामले की जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारियों ने फिर से हथियार सप्लायरों की तलाश शुरू कराई।
नववर्ष पर चप्पे चप्पे पर पहरा रहेगा
आतंकी इनपुट मिलने से पुलिस प्रशासन में खलबली मची है। इसको देखते नववर्ष पर पुलिस का चप्पे चप्पे पर पहरा लगाने की बात कही गई। शहर को पांच जोन व सात सेक्टरों में बांटा गया है। एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी क्राइम और एएसपी कैंट को अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही थानेदारों को हिदायत दी कि वह होटल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य जगहों पर सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए है।
क्राइम ब्रांच को लगाया
नववर्ष पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। कई जगहों पर रूट डायवर्जन भी करना है। हथियार सप्लायरों की तलाश में पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम को लगाया है। सुरक्षा की दृष्टि से 31 दिसंबर को सघन चेकिंग होगी।
- अखिलेश कुमार, एसएसपी
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