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छात्रों के विवाद में दो गांवों के लोगों में खूनी संघर्ष   

Tue, 18 Oct 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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घायल को इलाज के लिए लेकर जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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छात्रों की आपसी लड़ाई में खरखौदा और चंदपुरा गांव के लोगों में सोमवार को खूनी संघर्ष हो गया। पहले बारी-बारी से दोनों ने एक-दूसरे गांव के लोगों को पीटा। फिर हालात ऐसे बने कि पुलिस के सामने दोनों गांव के लोगों में पथराव, फायरिंग हुई। जिसमें एक दर्जन लोग घायल हो गए। खरखौदा के जंगल में आठ बीघा ईख फूंक दी गई। पुलिस और पीएसी ने किसी तरह स्थिति कंट्रोल की। देर रात तक दोनों गांवों में तनाव की स्थिति बनी थी। ग्रामीणों ने बताया कि 12 दिनों से दोनों गांवों के बीच चल रहे विवाद को पुलिस अनदेखा कर रही थी। 
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खरखौदा स्थित जनता इंटर कालेज में खरखौदा और चंदपुरा गांव के छात्रों में सीट पर बैठने को लेकर विवाद हुआ था। जो इतना बढ़ा कि दोनों गांवों के लोग मौका देखते ही एक-दूसरे के गांव के लोगों को पीटने लगे। दोनों तरफ से खरखौदा थाने में शिकायत हुईं। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जबकि लोगों ने दो दिन पहले तमंचे के साथ एक छात्र को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। छात्र के चार साथी युवक भी पुलिस ने हिरासत में ले लिए। इसी दौरान चंदपुरा गांव के लोग पांचों लोगों को छुड़ाकर ले गए। जिस पर विवाद बढ़ गया। रविवार को खरखौदा के युवकों ने चंदपुरा गांव के दो युवकों को पीटा। जिन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
पुलिस ने देर रात आरोपी खरखौदा निवासी आकाश, अंतरिक्ष, कल्लू, विपुल, पंकज, शांतनू और रविदत्त के खिलाफ केस दर्ज किया। इसकी जानकारी पर चंदपुरा गांव में सोमवार सुबह एलान हुआ कि खरखौदा के युवकों ने उसके लोगों को पीटा है। इसका बदला लिया जाएगा। जिस पर चंदपुरा के ग्रामीणों ने जंगल में काम कर रहे खरखौदा के किसान निर्मल, अवनीश समेत कई लोगों पर हमला किया। जिसके बदले खरखौदा के ग्रामीणों ने खरखौदा कस्बे में चंदपुरा गांव के दुकानदारों को पीटना शुरू  कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को एकतरफ कर दोनों गांव के लोग अपने-अपने गांव की सीमा पर खड़े होकर आमने-सामने पथराव और फायरिंग करने लगे। 
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थाने पर हंगामा 
खरखौदा के ग्रामीणों ने थाने पर हंगामा कर पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाये। उनका आरोप है कि खरखौदा पुलिस ने राजनैतिक दबाव में एकपक्षीय कार्रवाई की। पुलिस छात्रों के विवाद पर गंभीरता से कार्रवाई कर देती तो स्थिति नहीं बिगड़ती। उसके बाद भी पुलिस ने तमंचे समेत युवक को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने चंदपुरा के लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। 
जाम लगाने की कोशिश 
भीड़ ने घायल निर्मल को सड़क पर लिटाकर पहले थाने के सामने जाम लगाने का प्रयास किया।  लेकिन पीएसी तथा पुलिस ने मामला संभाला। लेकिन बाद में खरखौदा के लोगों ने बस स्टैंड पर दोबारा जाम का प्रयास किया लेकिन गणमान्य लोगों के समझाने पर भीड़ वापस लौट गयी। 
ईख फूंकी, दोनों गांव में तनाव 
शाम को पुलिस ने खरखौदा छावनी में तब्दील किया। इसी दौरान खरखौदा निवासी अरविंद की आठ बीघा ईख फूंक दी गई। फायर कर्मियों ने आग पर जैसे-तैसे काबू पाया। ग्रामीणों ने बताया  कि आग नहीं बुझती तो करोड़ों रुपये कीमत की ईख की फसल जलकर राख हो जाती।  
चंदपुरा के ग्रामीणों पर केस दर्ज 
दोनों गांवों में एसपी देहात ने कई थानों की पुलिस तैनात की। पुलिस ने खरखौदा निवासी किसान सतपाल की तहरीर पर चंदपुरा गांव निवासी प्रिंस पुत्र राजेंद्र, अंशुल पुत्र नवाब, अंकित पुत्र बिजेंद्र, सचिन पुत्र जबर सिंह, विकास पुत्र वीरपाल सहित पचास अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला सहित संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।

दोनों गांवों के लोगों में वर्चस्व को लेकर लड़ाई है। फिलहाल मामला शांत करा दिया है। दोनों गांवों में फोर्स तैनात कर दी गई है।- जे. रविंदर गौड़, एसएसपी 
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