मेरठ के अटौला से अपह्त युवती के परिजनों से बातचीत करती पुलिस।
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पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद भी अटौला गांव से अपहृत युवती का कोई सुराग नहीं लगा। इससे क्षुब्ध पिता ने ट्यूबवेल पर जाकर पेस्टीसाइड का सेवन कर लिया। उसे गंभीर हालत में हापुड़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर गांव में पहुंचे सीओ ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि शीघ्र ही युवती को बरामद कर लिया जाएगा।
विगत 11 मार्च शुक्रवार को गांव अटौला निवासी सुंदर सिंह की पुत्री रेखा का कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। इसके विरोध में 12 मार्च को ग्रामीणों ने जाम लगाकर हंगामा किया था। इस दौरान वहां पहुंचे एसपी देहात प्रवीण रंजन और एसडीएम दिव्या मित्तल ने युवती की जल्द बरामदगी का भरोसा दिलाया था, लेकिन सोमवार तक भी पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी। इससे क्षुब्ध सुंदर सोमवार सुबह करीब नौ बजे परिजनों को बिना बताए जंगल में अपनी ट्यूबवेल पर गया और वहां कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया।
काफी देर बाद तक भी सुंदर जब घर नहीं पहुंचा तो चिंतित परिजन ढूंढते हुए ट्यूबवेल पर पहुंचे तो सुंदर को वहां बेहोश पाकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, सुंदर सिंह के जहर खाने की सूचना से पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना पर मुंडाली थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूछताछ की। वहीं, सीओ किठौर रितेश सिंह ने सुंदर के घर अटौला गांव पहुंचकर परिजनों को आश्वस्त किया कि पुलिस पूरी गंभीरता से युवती की बरामदगी का प्रयास कर रही है।
‘बस भरोसा ही देती है पुलिस’
रेखा के चाचा सेंसरपाल का कहना है कि कितने दुख की बात है कि पुलिस चार दिन में भी उनकी बेटी का पता नहीं लगा सकी। इस घटना से परिवार के लोग अपमानित सा महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि यह पुलिस की नाकामी है। पुलिस जब यही पता नहीं लगा पाई है कि रेखा का अपहरण करने वाले कौन हैं तो बरामदगी क्या करेगी।