पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट मोहम्मद इजाज का काला चिट्ठा 510 पन्नों में दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ चार्जशीट आज (बुधवार को) कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इस चार्जशीट में इजाज के अलावा उसके तीन साथियों को भी अभियुक्त बनाया गया है।
27 नवंबर 2015 को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सदर बाजार थाना क्षेत्र में कैंट रेलवे स्टेशन के पास से इराफानाबाद, इस्लामाबाद पाकिस्तान निवासी मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया था। इजाज से बरामद मोबाइल फोन, पैन ड्राइव, लैपटॉप समेत अन्य दस्तावेजों को जांच के लिए पुलिस ने सीबीआई लैब भेजा था। जांच और पूछताछ में पुलिस ने खुलासा किया था कि इजाज ने मेरठ, बरेली, कोलकाता और दिल्ली छावनियों के अलावा यमुना एक्सप्रेस-वे के फोटो एवं वीडियो पाकिस्तान भेजे हैं। इजाज को छह दिन के रिमांड पर लेकर पुलिस, खुफिया एजेंसी और आर्मी इंटेलीजेंस ने भी पूछताछ की थी।
इजाज से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों की फोरेंसिक लैब से रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने चार्जशीट को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था। इजाज के साथ पुलिस ने उसके तीनों मददगार इरशाद, अशफाक और जहांगीर निवासी कोलकाता को भी मुल्जिम बनाया है। जिन्होंने उसे पाक से भारत में घुसने के दौरान कोलकाता में शरण दी थी।
ऑपरेशन घुसपैठ का मास्टर माइंड
कोलकाता मटिया बुर्ज साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद इरशाद लंबे समय से आईएसआई के आकाओं के संपर्क में था। इजाज की मेरठ में गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही कोलकाता एसटीएफ ने इरशाद, उसके बेटे अशफाक और रिश्तेदार जहांगीर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि बॉर्डर पर इरशाद पाक एजेंटों को रिसीव कर भारत पहुंचाता था। साथ ही उनके छिपने की व्यवस्था के साथ उनको भारतीय नागरिक के तौर पर पेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी बनवाता था।
इंस्पेक्टर सदर गजेंद्र पाल सिंह और विवेचक धर्मेंद्र कुमार के अनुसार चार्जशीट पूरी हो चुकी है। इजाज के तीनों सहयोगियों का वारंट दाखिल करने के लिए पुलिस टीम कोलकाता गई हुई है। इजाज पर धोखाधड़ी, चोरी का सामान बरामद होना, 14 विदेशी अधिनियम, 120 बी, ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, आईटी एक्ट लगा है।