पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट मोहम्मद इजाज के खिलाफ दाखिल की जाने चार्जशीट में पुलिस इंटेलीजेंस के साथ विधिक राय भी ले रही है। आईटी एक्ट की धारा बढ़ाने के साथ पुलिस इजाज के मददगारों को भी आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) का आरोपी बनाने जा रही है।
पाक जासूस इजाज की एसटीएफ यूपी ने विगत वर्ष 27 नवंबर को कैंट एरिया मेरठ से गिरफ्तारी की थी। पुलिस उससे बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और पैन कार्ड आदि सीबीआई एफएसएल से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर आईएक्ट की धारा बढ़ा चुकी है। पुलिस को उसके खिलाफ कोर्ट में गिरफ्तारी से 90 दिनों के बीच चार्जशीट देनी है। जिसके बाद इजाज के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। करीब 80 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में पुलिस के पास काफी कम समय बचा है।
चार्जशीट में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसके लिए खुफिया एजेंसियों के अलावा आर्मी इंटेलीजेंस के अफसरों से भी मदद ली जा रही है। साथ ही उच्च अफसरों के साथ विधिक राय भी ली जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि चार्जशीट के लिए पूरे दस्तावेज तैयार किये जा रहे हैं। कोशिश है कि कोई कमी न रहे।
इसलिए सभी दस्तावेजों को इसमें शामिल किया जा रहा है। अफसरों के अनुसार पाक जासूस इजाज के मददगार कोलकाता में थे। इजाज से प्रारंभिक पूछताछ के बाद कोलकाता एसटीएफ ने चार मददगारों को दबोचा था। जिन्हें षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया जाएगा।