पाक जासूस मोहम्मद इजाज के खिलाफ पुलिस हर स्तर पर सुबूत जुटाने में लगी है। इजाज के पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि करने के लिए कोर्ट की विशेष अनुमति के बाद बृहस्पतिवार को उसकी पाकिस्तान स्थित उसके परिजनों से फोन पर बात कराई गई। पुलिस ने पाक जासूस की करीब छह मिनट की बातचीत को सुबूत के तौर पर रिकॉर्ड भी किया है।
दरअसल पुलिस के सामने यह भी चुनौती थी कि वह किस तरह से पाक जासूस को ऑन रिकॉर्ड पाकिस्तानी नागरिक साबित करे। हालांकि, इजाज ने खुद अपने कबूलनामे में कहा था कि वह पाकिस्तान का रहने वाला है और विशेष मिशन के तहत पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत जासूसी के लिए भेजा गया था।
इसके बावजूद भी कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए सदर थाना बाजार पुलिस पाक जासूस को कोई भी मौका नहीं देना चाहती। इसी के तहत बृहस्पतिवार को विवेचक धर्मेंद्र कुमार ने कोर्ट से अनुमति लेने के बाद आईएसआई एजेंट इजाज की पाकिस्तान स्थित उसके घर पर बात कराई।
पीसीओ से कराई छह मिनट तक बातचीत
पुलिस इजाज को बृहस्पतिवार सुबह करीब 11:30 बजे रोडवेज बस अड्डा स्थित श्री पीसीओ लेकर पहुंची। जहां इजाज की पाकिस्तान स्थित उसके घर पर बात कराई गई। इजाज ने अपने भाई हहाद उर्फ प्रिंस के मोबाइल फोन पर कॉल की। करीब छह मिनट में इजाज ने अपनी मां इरशाद बेगम, बहन शबनम, शहजाद और छोटी बहन शाजिदा से बात की।
मां से बात कर फूट-फूटकर रोया
बहन से बातचीत के दौरान इजाज को जब मां के बीमार होने का पता चला तो मां से बात कर वह फूट-फूटकर रोया। वह मां का हाल पूछता रहा और रोता रहा। उसने मां से कहा कि उसे भारतीय पुलिस ने पकड़ लिया है, लेकिन वह ठीक है। इजाज ने मां को दिलासा दिया कि फिक्र मत करना, वह जल्द ही आ जाएगा।
शादी में न जाने पर मलाल
पाक जासूस ने फोन पर बात करते हुए अपनी छोटी शाजिदा से कहा कि उसे उसकी शादी में न आ पाने का मलाल है। उसकी पाकिस्तान आने की पूरी योजना थी, लेकिन ऐन वक्त पर नहीं आ सका। बता दें कि शाजिदा की शादी का पूरा खर्च आईएसआई ने ही उठाया था।
सब जानते थे इजाज के मंसूबे
आईएसआई के लिए भारत में जासूसी करने के पाक जासूस इजाज के मंसूबे को उसका भाई ही नहीं मां और बहन भी जानते थे। लेकिन कभी किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। इजाज पकड़े जाने से पहले अपनी मां, बहन और भाई से अक्सर बात करता था। जिसके पीछे आईएसआई से मिल रही मोटी रकम भी बड़ी वजह थी।