गोकुलपुर में शिव मंदिर में दान पात्र चोरी और मूर्ति खंडित करने के बाद मारपीट, तोड़फोड़ व पथराव करने के मामले में 22 नामजद समेत 230 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। वहीं गांव में अभी तनाव की स्थिति बरकरार है। शनिवार को पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने ग्रामीणों के साथ मीटिंग की। जिसमें दूसरे समुदाय के लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने एकतरफा कार्रवाई की है।
भावनपुर थानाक्षेत्र के गोकलपुर गांव में बृहस्पतिवार रात मंदिर का दानपात्र चोरी कर मूर्ति खंडित कर दी गई थी। शुक्रवार दिनभर इस मामले को लेकर हंगामा हुआ। शाम को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांव में धार्मिक स्थल के सामने नारेबाजी की। जिस पर दोनों समुदाय के लोगों में मारपीट, पथराव हो गया। एक पक्ष के लोगों ने गढ़ रोड पर जाम लगाकर वाहनों में तोड़फोड़ की। जिसमें आठ लोग घायल हुए थे। इस मामले में विश्व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया। शुक्रवार रात भी इसको लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में मंथन चला। गांव में तनाव की स्थिति देखते पुलिस और पीएसी बल शनिवार को भी तैनात रहा।
हिंदू युवा वाहिनी ने कराया मुकदमा
हिंदु युवा वाहिनी जिला उपाध्यक्ष अमित तोमर निवासी संजय विहार भावनपुर ने आरोप लगाया कि गोकुलपुर से वापस लौटते समय दूसरे समुदाय के लोगों ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया। अमित ने तैमूर, फैजवारी, रैयान, फैसल, शहजाद, सलीम, बोबी, अखलाक, वकार, दाऊद, सद्दाम, फरमान, नईम, इरशाद, तालिब, अंजार, मलिक, गुड्डू, सुल्तान, अली, अकरम, असगर सहित 22 लोग नामजद और 100 अज्ञात पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। एक मुकदमा पुलिस ने दोनों समुदाय के 70-80 अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, तोड़फोड़ करने के मामले में किया। वहीं, मेडिकल की इमरजेंसी में मारपीट करने के मामले में मेडिकल थाने में 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
ग्रामीणों से शांति बनाने की अपील
गोकलपुर गांव में सांप्रदायिक तनाव है। जिस पर मामले की गंभीरता को देखते एसडीएम कुमार भूपेंद्र, एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ सदर यूएन मिश्रा सहित कई अन्य अफसरों ने शनिवार केे शांति समिति की बैठक की। जिसमें दोनो समुदाय के बीस बीस गण्यमान्य लोगों की समिति बनाई गई, जो गांव में शांति कायम रखने का काम करेगी। शांति समिति की बैठक के दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए नोकझोंक की। वहीं सांप्रदायिक मामले को गंभीरता से लेते एलआईयू के अधिकारी भी गांव गोकलपुर पहुंचे।