जसवंत राय हॉस्पिटल कैंपस स्थित सुशीला मैटरनिटी ट्रस्ट हॉस्पिटल में हुई गार्ड ब्रजभूषण की हत्या संभवत: कोई गहरा राज जानने पर की गई है। इस केस में भले ही मैनेजर और अस्पताल प्रबंधन चुप्पी साधे हुए हों। लेकिन पुलिस की थ्योरी हत्या की दूसरी कहानी की ओर इशारा कर रही है। कई बिंदु ऐसे सामने आ रहे हैं, जो घटना का खुलासा चौंकाने वाला करेंगे। पुलिस उन तीन लोगों की तलाश में जुट गई है जो सीसीटीवी कैमरे में कैद मिले हैं। एक आरोपी के नजदीक तक पहुंचने की बात पुलिस ने कही है।
20 मिनट के अंदर हुई हत्या
पुलिस हत्या की वारदात को रविवार तड़के 4:40 बजे से पांच बजे के बीच होना मान रही है। डॉग स्क्वाएड भी लाश के पास से जाकर अंदर परिसर तक घूमने के बाद वापस अस्पताल के गेट पर आकर रुका। जिससे पुलिस का शक और बढ़ गया। पुलिस मानकर चल रहे हैं हत्यारे जो भी रहे हों, वह हत्या के बाद परिसर में घूमने के बाद फरार हुए हैं।
कानून व्यवस्था पर सवाल
अस्पताल में गार्ड की हत्या ने कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं। अस्पताल से जहां सौ मीटर की दूरी पर सिविल लाइन थाना है तो मुख्य गेट से चंद कदमों की दूरी पर एसपी सिटी का आवास है। यहां से डीएम समेत तमाम अफसरों के आवास भी ज्यादा दूर नहीं है।
लूट या चोरी नहीं, बड़ी वजह
एसपी सिटी और सीओ सिविल लाइन ने अस्पताल प्रबंधन के अलावा गार्डों से भी जानकारी जुटाने की कोशिश की। लेकिन सभी के चेहरों पर खामोशी छायी हुई थी। पुलिस को अस्पताल में लूट या चोरी के इरादे से घुसकर गार्ड की हत्या करना समझ नहीं आ रहा। माना जा रहा है कि कोई दूसरी बड़ी वजह हो सकती है। सीओ क ी जांच पड़ताल में मानें तो जिस स्थान पर गार्ड ब्रजभूषण की लाश मिली, वह गेट नंबर-2 से अंदर तक सुनसान रहता है। जनरेटर रूम के पास टीन शेड और बल्ली पड़ी हुई है। सीओ का कहना है कि हो सकता है कि रात में कुछ ऐसी गतिविधियां रहीं हों, जिसके चलते गार्ड मौके पहुंच गया हो। पहचाने जाने के डर से हत्या कर दी गई हो।
आखिरी बार दिखा 4:40 बजे
ब्रजभूषण रविवार तड़के चार बजे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। जिसके बाद वह घूमकर मुख्य गेट की तरफ पहुंचा। 4:23 बजे पर फिर से गेट की तरफ अंदर पहुंचा। आखिरी बार 4:40 बजे जनरेटर रूम की तरफ जाता दिखाई पड़ा। जिस स्थान पर हत्या की गई, वहां से आवाज भी दूर तक नहीं पहुंच सकती। वह कोना सुनसान है। आसपास में मिट्टी भी बिखरी हुई थी।
पूरी तैयारी के साथ मारा
पुलिस मान रही है कि मारने वालों की संख्या कम से कम चार रही होगी। ब्रजभूषण शोर न मचा सके, इसलिए उसके मुंह पर पैकिंग टेप चिपका दी गई। टेप के अलावा रस्सी से हाथ-पैर बांधे गए। संभवत: इसके बाद गला दबाया गया। उसके गले के एक निशान के अलावा चेहरे और गर्दन पर नाखून के निशान थे। जो हाथापाई के दौरान लगे होना माने गए। पुुलिस को मौके से एक रस्सी और कपड़ा भी मिला। गले में अंगोछा था, जिससे गला कसकर हत्या की गई है। कुछ देर बाद जनरेटर रूम की तरफ से दो युवक कैमरे में दीवार के पास खड़े दिखाई पड़े।
अस्पताल में एक घंटे रही अराजकता
अस्पताल में अराजकता का आलम यह था कि सिविल लाइन पुलिस भी भीड़ के आगे बौनी साबित हुई। जैसे ही भीड़ अस्पताल में मेडिकल स्टोर की तरफ घुसने लगी तो अन्य गार्डों ने गेट बंद करने की कोशिश की। लेकिन कई लोगों ने गार्डों पर हेलमेट से ही हमला बोल दिया। चार हेलमेट गार्डों में मारकर तोड़ दिए थे। मारपीट में गार्ड श्रीराम निवासी प्रभात नगर, आदेश निवासी कंकरखेड़ा, सचिन निवासी अब्दुल्लापुर और अनूप निवासी यादगारपुर बुरी तरह से घायल हो गए थे। जिन्हें आईसीयू में भर्ती कराया है। जहां श्रीराम की हालत गंभीर बनी है। अन्य के सिर से खून बह रहा था। यदि कुछ देर सीओ न पहुंचते तो गार्डों के साथ अनहोनी भी हो सकती थी। भीड़ का आक्रोश प्रबंधन पर हत्या का रिपोर्ट दर्ज कराने का था।
शव देखते ही बेहोश हुआ बेटा:
ब्रजभूषण की हत्या के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। बड़े बेटे अक्षय ने जैसे पिता का शव देखा तो वह बेहोश हो गया। परिवार के लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। छोटा बेटा रूपेश भी बिलखने लगा। ब्रजभूषण दस साल से अस्पताल में गार्ड था। जिस पर प्रबंधन को भी विश्वास रहता था। अक्षय ने कहा कि उन्हें सुबह नौ बजे के करीब अस्पताल के मैनेजर ने सूचना दी थी कि जल्दी से आ जाओ, ब्रजभूषण की हालत गंभीर है। हत्या को भी उनसे छुपाने की कोशिश की गई।
कोट
पीएम रिपोर्ट में गार्ड की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। चोरी या लूट का विरोध करने पर हत्या की गई या फिर अन्य कोई गतिविधि हत्या का कारण बना है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। -ओपी सिंह, एसपी सिटी