मेरठ। गढ़ रोड पर किठौर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात ट्रक और मैजिक वाहन की भिड़ंत में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि छह लोग घायल हो गए। आरोपी चालक ट्रक लेकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार सराय काजी मेडिकल निवासी अजय (36) पुत्र तेजपाल टाटा मैजिक वाहन चलाता था। अजय की मौसी हसनपुर में रह रही है। रविवार रात हसनपुर से बारात किठौर क्षेत्र के नगली गांव में गई थी। रविवार रात करीब दो बजे सराय काजी निवासी परिवार शादी समारोह से मैजिक वाहन से लौट रहा था। मैजिक वाहन जब गढ़ रोड पर बहरोड़ा मोड़ के पास पहुंचा तो मेरठ की तरफ से जा रहे ट्रक ने उसमें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मैजिक वाहन के सड़क किनारे खड़ी यूपी 100 पुलिस की गाड़ी से टकराने के बाद परखचे उड़ गए।
इस हादसे में मैजिक वाहन चालक अजय, धर्मवीर (40) पुत्र कर्म सिंह निवासी सराय काजी, धर्म सिंह के दो बेटे सूर्यांश (8) और यश (10) की मौत हो गई। जबकि मैजिक सवार लकी पुत्र धर्मवीर, कैलाश चंद पुत्र शंभूनाथ, धर्मवीर की पत्नी सविता, अभिषेक पुत्र किशोर, दीपू पुत्र अजय, मन्नू पुत्र किशोर और रितिक पुत्र किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे किठौर इंस्पेक्टर पीसी शर्मा ने घायलों को मेडिकल कॉलेज स्थित इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहीं, चार लोगों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक पर केस दर्ज किया है। दो बच्चों समेत तीन घायलों की हालत गंभीर बनी है।
धमाके जैसी आवाज, पल भर में मची चीख पुकार
मेरठ/माछरा। गढ़ रोड पर रविवार देर रात हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद सरायकाजी में कोहराम मच गया। मोर्चरी पर सोमवार को लोगों का तांता लगा था। सभी लोग घायलों के जल्द ठीक होने की कामना कर रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी है कि इलाज कराने के लिए भी दूसरों से मदद मांगनी पड़ रही है।
उधर, घायलों का कहना है कि अचानक से धमाके जैसी आवाज सुनाई थी, उसके बाद चीख पुकार मच गई। काफी देर तक तो पता नहीं चला कि आखिर क्या हो गया। जिस ट्रक ने मैजिक वाहन में टक्कर मारी, उसकी स्पीड इतनी थी कि मैजिक पलटी खाकर पुलिस की गाड़ी से टकराकर दूसरी पलटी खा गई। गनीमत रही कि वहां यूपी 100 पुलिस मौजूद थी, जिससे घायलों को तुरंत उपचार मिल गया।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद चार शव घर लाए गए तो सरायकाजी में कोहराम मच गया। महिलाएं और रिश्तेदार शव देखकर दहाड़े मारकर रोने लगे। धर्मवीर के परिवार में धर्मवीर और दो बेटों की मौत हो गई। जबकि पत्नी सविता और बेटा लक्की अस्पताल में भर्ती हैं। इस दौरान सरायकाजी के हरवंश विहार मोहल्ले में सोमवार को चूल्हे तक नहीं जले। हर तरफ एक ही दर्द था कि पूरा परिवार ही तबाह हो गया। शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। धर्मवीर के बड़े भाई शिक्षक पुष्पेंद्र, मदन और अशोक समेत परिजनों का बुरा हाल था।
एसडीएस से मांगी आर्थिक सहायता
पोस्टमार्टम हाउस पर एसडीएम सदर कमलेश गोयल और सीओ किठौर आलोक सिंह पहुंचे। बसपा नेताओं और पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि अब परिवार के साथ आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में धर्मवीर और अजय के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों का इलाज कराने की मांग की। अफसरों ने आश्वासन दिया कि आर्थिक मदद की जाएगी।
बसपाइयों ने जाना हाल
चार लोगों की मौत की जानकारी पर बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, सतपाल पेपला, ब्रहमदास बोध, भूपेंद्र, जगरूप, अमित प्रधान, डॉ. राजवीर, रविंद्र पार्षद, डॉ. हरविंद्र सिंह, पीयूष, डॉ. किशनपाल गुर्जर, विक्रांत त्यागी, ब्रहमजीत, कमल सिंह राज आदि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में भी घायलों का हाल जाना।