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भानू प्रताप समेत चार आरोपी जेल भेजे, धारा भी बढ़ी

Tue, 16 Apr 2019 03:09 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ - फोटो : अमर उजाला
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 मोस्ट वांटेड कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में गिरफ्तार करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह समेत चार आरोपियों को ब्रह्मपुरी पुलिस ने स्पेशल सीजेएम रामलाल की अदालत में सोमवार को पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक  हिरासत में जेल भेज दिया।
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28 मार्च को बदन सिंह बद्दो फर्रुखाबाद पुलिस की कस्टडी से मुकुट महल होटल से फरार हो गए था। उसे फरार कराने में फर्रुखाबाद पुलिस के छह पुलिसकर्मियों समेत नौ लोग मौके से गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उनको कोर्ट के समक्ष पेश किया था। जिसमें एक आरोपी जवाहरलाल पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते जमानत पाकर फरार हो गया। जबकि आठ आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस की जांच में बददो को भगाने में करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह, फाइनेंसर मिक्की, अरुण और राहुल को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि भानूप्रताप सिंह बददो को दिल्ली तक अपनी गाड़ी में छोड़ने गया था। इसकी जानकारी लगने के बावजूद भानू प्रताप ने पुलिस को बताना मुनासिब नहीं समझा।  
फिर बढ़ानी पड़ी पुलिस को धारा
बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में मेरठ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। पुलिस ने बद्दो को फरार करने नौ लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। कमजोर धारा लगने के चलते सभी आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने विवेचना में धारा 222 और 225 की बढ़ोत्तरी की तो कोर्ट ने उनका न्यायिक रिमांड बनाया। बद्दो को उम्रकैद की सजा हो चुकी थी। इसको देखते उसकी गिरफ्तारी होना बेहद जरूरी है। उसे भगाने वालों पर मजबूत कार्रवाई हो। इसको देखते पुलिस ने अब आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 (जालसाजी से संबंधित) बढ़ाए जाने के लिए अदालत में अर्जी दी थी। जिसमें जेल में बंद सभी आरोपियों का रिमांड बना है।
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फर्जी आरसी और नंबर प्लेट मिली
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए स्कूल संचालक भानू प्रताप सिंह, मिक्की फाइनेंसर, राहुल और अरुण की निशानदेही पर एक गाड़ी की फर्जी आरसी और नंबर प्लेट बरामद हुई है। जिससे अंदेशा है कि बद्दो को भगाने में गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट लगाई है। साक्ष्य छुपाने के लिए और जालसाजी के चलते ही यह धारा बढ़ाई गई है।

‘बेटा पूजा हो गई, मैं जा रहा हूं’   
मेरठ
। शातिर बदन सिंह बद्दो ने पुलिस कस्टडी से फरार होने के लिए फूलप्रूफ योजना बनाई थी। उसने न केवल अपने साथी के मोबाइल फोन से अपने बेटे सिकंदर से कोडवर्ड में बात की, बल्कि फरारी के बाद कोई उसे कोई पहचान न पाए इसलिए दाढ़ी मूंछ तक साफ करा ली थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बद्दो ने होटल मुकुट महल से फरार होते समय अपने बेटे सिकंदर को मिक्का फाइनेंस के मोबाइल से कॉल की थी। उसने सिकंदर से करीब तीन मिनट तक कोड वर्ड में बात की थी। बद्दो ने सिकंदर से कहा था कि बेटा पूजा हो गई है। मैं जा रहा हूं। इसके बाद वह होटल से निकल गया था।
दाढ़ी-मूंछ साफ कराई, गेटअप बदला
होटल से फरार होने के बाद उसे शहर में या शहर से बाहर भी कोई पहचान न पाए, इसलिए उसने अपना पूरा गेटअप चेंज करा लिया था। बताया गया कि होटल मुकुट महल से निकलकर वह गाड़ी से साकेत में एक ब्यूटिशियन के पास पहुंचा था। यह ब्यूटिशियन बद्दो की प्रेमिका बताई गई। यहां बद्दो ने अपनी दाढ़ी मूंछ साफ करा ली थी। वेशभूषा भी बदल ली थी। उसका लुक पूरी तरह से बदल गया था। बताया गया कि जिन लोगों ने बद्दो को फरार कराने में पूरी मदद की थी, वह भी एक बार को बद्दो को लुक बदलने के बाद पहचान नहीं पाए थे। बद्दो की प्रेमिका की जानकारी उसके कई साथियों को थी। बद्दो पुलिस कस्टडी से भाग रहा है, यह जानते हुए भी सब उसकी मदद कर रहे थे।
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