जिस प्रेमी के लिए सबा ने अपना घर, परिवार छोड़ा, उसी ने सबा की जान ले ली। बेटी का शव देखते ही मां और परिजनों को कलेजा बैठ गया। उसकी जिद के आगे परिजन आठ माह पहले ही सब्र करके बैठ गए थे, लेकिन पता नहीं था कि यह दिन भी देखना पड़ेगा।
शव की शिनाख्त में भले ही पांच दिन लगे, लेकिन सबा के परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ में ही पुलिस को इस केस की तह तक पहुंचने में देर नहीं लगी।
एतराज कर दिया था दरकिनार
पुलिस के अनुसार सबा का नईम से प्रेम प्रसंग हो गया। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं तो सबा के परिजनों ने इस पर कड़ा एतराज जता दिया था, लेकिन सबा इसे दरकिनार कर करीब आठ माह पहले नईम के साथ माधवपुरम में रहने लगी थी। चूंकि सबा बालिग थी, इसलिए परिजनों ने कोई कार्रवाई भी नहीं चाही, लेकिन उससे नाता खत्म कर लिया। परिजन यह मानकर चल रहे थे कि सबा ने नईम से शादी कर ली है।
समाज के सामने क्या कहूंगी
पुलिस के अनुसार इस दौरान नईम सबा से भटक गया और उसकी किसी अन्य युवती से नजदीकी बढ़ने लगी। जिसके बाद सबा नईम से निकाह की जिद पर अड़ गई। नईम के भाई की शादी होने वाली थी। सबा उस पर दबाव बना रही थी कि शादी में रिश्तेदारों के सामने कहना पडे़गा कि उसने उससे निकाह कर लिया है और उसके साथ रहता है। इस बात को नईम मानने को तैयार नहीं था। दोनों में इसको लेकर झगड़ा भी हुआ, लेकिन सबा नईम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी।
निकाह के बदले मौत
जिद पर अड़ी सबा से पीछा छुड़ाने के लिए नईम ने सुनियोजित प्लान बनाया। कहा कि दिल्ली जाकर निकाह करेंगे। इस बात पर सबा रजामंद हो गई थी। हत्या के इरादे से सबा को जंगल में ले जाकर तीन गोलियां मारी गईं। शव की पहचान न हो, इसलिए धारदार हथियार से चेहरा बिगाड़ने की कोशिश की गई। उसके बाद शव दौराला के जंगल में फेंककर आरोपी फरार हो गए। पुलिस के अनुसार नईम के परिवार में एक व्यक्ति तांत्रिक भी है।
पीएम में हुई पुष्टि
सबा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। एक गोली कनपटी, दूसरी कंधे और तीसरी कंधे और छाती के बीच में सटाकर मारी गई। सीओ दौराला ने बताया कि सबा की मौत गोली लगने पर ही हुई। बाद में धारदार हथियार प्रयोग किए गए।
पुलिस ने क्या किया?
सबा का शव नेशनल हाईवे से करीब बीस मीटर अंदर गांव दशरथपुर के पास फेंका गया था। हत्या शातिराना तरीके से की गई। कोई क्लू न छूट पाए, इसलिए शव की पहचान मिटाने के भी प्रयास किए गए। सबा शहर की ही रहने वाली थी, लेकिन उसके बाद भी दौराला पुलिस को शव की शिनाख्त में पांच दिन लग गए। वह भी तब, जब ‘अमर उजाला’ में फोटो देखकर परिजन उसकी शिनाख्त करने मोर्चरी पहुंचे। गौरतलब है कि दौराला थाना क्षेत्र में इस तरह के चार शवों की
शिनाख्त नहीं हो पाई है।
कोट
युवती की हत्या प्रेम प्रसंग को लेकर की गई है। स्लाइड जांच के लिए भेजी जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं।- डॉ. अरविंद, सीओ दौराला