गांव जिटौली के एक किसान की हत्या कर शव बोरे में बंद कर सड़क किनारे खेत में फेंक दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने चार घंटे मेरठ-करनाल हाईवे जाम रखा। वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। परिजनों ने एक नामजद सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शुक्रवार सुबह दबथुवा-बहादरपुर संपर्क मार्ग पर खून से सना एक बोरा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बोरा खोला तो उसमें शव मिला। शरीर पर भारी वस्तु से प्रहार के निशान थे। गले में रस्सी बंधी थी। मृतक की जेब से मिले ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उसकी पहचान जिटौली गांव निवासी अनुज पुत्र नरेंद्र के रूप में हुई। इसके बाद परिजन व जिटौली, बहादरपुर के सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रालियों से दबथुवा पहुंचे और सड़क पर ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी कर मेरठ-करनाल हाईवे जाम कर दिया। सीओ सीपी सिंह, सरधना पुलिस ने शव उठवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पुलिस से उलझ गए। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ती जाम नहीं खुलेगा। इस दौरान सूचना मिली कि अनुज का मोबाइल कंकरखेड़ा के एक आढ़ती के पास मिला है, जो दूसरे समुदाय का है। इस पर वहां सांप्रदायिक तनाव हो गया। एसपी देहात श्रवण कुमार, एसडीएम राकेश कुमार सिंह के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे। करीब दो बजे नेताओं ने लोगों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया। मृतक के पिता नरेंद्र ने आस मोहम्मद निवासी नंगलाताशी और उसके साथियों (अज्ञात) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस पावली के एक किसान और कंकरखेड़ा के आढ़ती से भी पूछताछ कर रही है। उधर, पुलिस ने डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर खेत और आसपास घुमाया। डॉग कुछ दूर चलकर रुक गया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
किसी से कोई रंजिश नहीं
परिजनों ने बताया कि अनुज के पास करीब 60 बीघा जमीन है। उसके पिता नरेंद्र की डेयरी है। अनुज के छोटे भाई ज्वाला की 13 साल पहले दुर्घटना मेें मौत हो चुकी है। अनुज की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि नामजद आशु उर्फ आस मोहम्मद को अनुज ने 40 लाख रुपये उधार थे। बताया गया कि अनुज ने लोगों को ब्याज पर भी रुपया दिया हुआ है। परिजनों ने बताया कि अनुज बृहस्पतिवार शाम को गांव में ही एक जागरण में जाने की बात कहकर गया था। वहीं अनुज की हत्या की खबर से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी, दो बेटे विजय (7) और अजय (5) का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता ने की जाम खोलने की अपील
अनुज के पिता नरेंद्र ने कई बार लोगों से हाथ जोड़कर जाम खोलने की अपील की। बाद में जिला पंचायत सदस्य पति प्रदीप हुड्डा, रालोद नेता चौधरी यशवीर सिंह, राजकुमार सांगवान, सतेंद्र भाराला, बसपा नेता सतेंद्र सोलंकी सहित कई राजनीतिक पार्टियों के नेता भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की। साथ ही इंस्पेक्टर सरधना को हटाने की भी मांग की। बताया गया कि भीड़ में कुछ शराबी युवक भी पहुंच गए और राहगीरों से अभद्रता कर वाहनों पर पत्थर फेंके। वहीं जाम के कारण पुलिस प्रशासन को रूट डायवर्ट करना पड़ा। कंकरखेड़ा में भी पुलिस ने बैरियर लगाकर रोडवेज बसें ओर बड़े वाहन आगे नही जाने दिए।
आढ़ती तक पहुंचा मोबाइल
पुलिस ने जब अनुज के मोबाइल पर फोन किया तो उसका फोन रिसीव करने वाले ने अपना नाम खालिद आढ़ती बताया। पूछताछ में खालिद ने बताया कि उसे ये फोन प्रीतम निवासी पावटी ने दिया था। वहीं प्रीतम ने बताया कि मोबाइल उसे मंडी में पड़ा मिला था।
रुपयों के लेन देन में हुई अनुज की हत्या
मेरठ (ब्यूरो)। मामले के खुलासे के लिए सरधना, कंकरखेड़ा, क्राइम ब्रांच के साथ कुल चार टीमें लगाई गई है। सीओ सरधना सीपी सिंह के अनुसार अनुज जागरण में जाने की बात कहकर गया था। उसकी बाइक रात में ही डाबका गांव में लावारिस हालत में मिली थी। जांच में सामने आया है कि रात में अनुज का पल्लवपुरम निवासी रिश्तेदार भी गांव में आया था। पुलिस ने रिश्तेदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि रात को अनुज ने उसे एक दुकान से इनवर्टर दिलाया था। इसके बाद वह नंगलाताशी में आशु उर्फ आसमोहम्मद के यहां जाने की बात कहकर चला गया। पुलिस ने आसमोहम्मद को हिरासत में ले लिया है। सीओ ने आशंका जताई कि अनुज की हत्या रुपयों के लेन देन में हुई है। अभी तक की जांच के अनुसार अनुज की हत्या आसमोहम्मद ने ही की है। शनिवार को मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
शराब पी और कर दी हत्या
कंकरखेड़ा (ब्यूरो)। अनुज के पिता नरेंद्र ने बताया कि करीब पांच साल पूर्व अनुज ने मेहरमती के जंगल में 51 बीघा जमीन खरीदी थी। पास में आसमोहम्मद को भी जमीन दिलवाई थी। उसे ब्याज पर करीब 50 लाख रुपये भी उधार दिए थे। आस मोहम्मद और अनुज की काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी। दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना था। उन्होंने अनुज को चेताया था कि इतनी नजदीकी ठीक नहीं है। आसमोहम्मद पैसे वापस करना नहीं चाहता था। पिता ने आरोप लगाया कि आसमोहम्मद और उसके साथियों ने पहले अनुज के साथ बैठकर शराब पी और बाद में उसकी हत्या कर दी।