गांव कपसाढ़ में गौ तस्करों ने शुक्रवार रात किसान के दो बैल चोरी कर टांडा और चकबंदी मार्ग पर जंगल में काट डाले। खोजबीन के दौरान जंगल से बैलों के अवशेष मिले तो सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस को बैलों के अवशेष नहीं उठाने दिए। वहीं, भाजपा विधायक संगीत सोम ने लखनऊ से ही अफसरों को चेतावनी दी तो हड़कंप मचने पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रुहासा निवासी एक आरोपी गिरफ्तार कर वाहन और बैल का मीट बरामद कर लिया। आरोपियों पर रासुका लगाने का आश्वासन मिलने पर ही शनिवार दोपहर अवशेष दबाए गए।
गांव कपसाढ़ निवासी किसान रामवीर पुत्र धर्म सिंह के घेर से शुक्रवार देर रात करीब एक दर्जन लोगों ने दो बैल चोरी कर लिए। जिन्हें एक वाहन में टांडा मार्ग से होते हुए संजू पुत्र मन्नी के खेत में ले जाया गया। आरोपी उसी वाहन की रोशनी में बैल काट रहे थे। इस दौरान वहां ग्रामीण काक्के पुत्र राजेंद्र खेत की सिंचाई कर रहा था। उसने वाहन की लाइट जलती देख शोर मचा दिया, जिस पर गोतस्कर दूसरे बैल को गाड़ी में लादकर चकबंदी मार्ग पर ले गए और बिजलीघर के निकट पहुंचकर उसका भी कटान कर डाला। आरोपी अवशेष वहीं छोड़कर फायरिंग कर फरार हो गए।
किसान रामवीर शनिवार तड़के घेर में चारा डालने पहुंचा तो उसे बैल नहीं मिले। रामवीर ने ग्रामीणों के साथ जंगल में पहुंचकर बैल के अवशेष देखे तो गोवंश कटान का खुलासा हुआ। सूचना पर इंस्पेक्टर सरधना मनोज मिश्रा पहुंचे तो सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा कर उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग शुरू कर दी।
विधायक की चेतावनी, आरपार का एलान
ग्रामीणों ने इसकी जानकारी भाजपा विधायक ठा. संगीत सिंह सोम को दी। विधायक उस समय लखनऊ में थे। उन्होंने वहीं से अधिकारियों को फोन कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। विधायक की चेतावनी मिलने पर अफसरों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद एडीएम ई दिनेश चंद्र, एसपी देहात एसके सिंह, सीओ सरधना सीपी सिंह चार सीओ, 12 एसओ और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों ने प्राथमिक विद्यालय में पंचायत कर आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। बजरंग दल के प्रांत संयोजक बलराज डूंगर की सीओ सरधना से तीखी नोकझोंक हो गई। काफी हंगामे के बाद पुलिस टीमों ने रूहासा, कैली, खिर्वा में गोतस्करों की तलाश में दबिश देकर कई लोग हिरासत में ले लिए।
कटान में ये हुए नामजद
किसान रामवीर ने रूहासा निवासी अमीरूद्दीन उर्फ भूरा पुत्र सुक्कड़, शकील पुत्र बैनी, फिरोज पुत्र गोला, गोला पुत्र नामालूम, रूवाबुद्दीन पुत्र इकराम, बंदू पुत्र फन्नू, मुस्तकीम पुत्र वोदू, अफजाल पुत्र बुंदू, शरीफ पुत्र फीजू, नौशाद पुत्र रियासत के खिलाफ केस दर्ज कराया। इंस्पेक्टर सरधना ने बताया कि अफजाल को गिरफ्तार कर शरीफ के घर से कटान में प्रयुक्त वाहन और बैल का मीट बरामद किया गया है।
चिकित्सक ने मौके पर की पुष्टि
पशु चिकित्साधिकारी सकौती डॉ. अशोक कुमार ने सैंपल जांच के लिए भेजने के बजाय मौके पर ही गोवंश कटान की पुष्टि कर दी। ग्रामीणों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर फिर हंगामा कर दिया। प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें आश्वासन देकर शांत किया। इस दौरान ग्राम प्रधान मुकेश उर्फ हप्पू, पूर्व प्रधान सतीश कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामवीर सिंह, शिवकुमार मैनेजर, लोकेश अटेरना, ठा. भगवत सिंह, चमन सिंह आदि मौजूद रहे।