एक व्यक्ति ने डेयरी संचालक के बच्चों को उसी से मिलाने के एवज में पचास लाख रुपये की मांग कर दी। इससे आहत होकर डेयरी संचालक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी मृतक की पहली पत्नी का भाई है। इस संबंध में सदर थाने में मृतक की पहली पत्नी और उसके साले के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस को मृतक के पास चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव मकड़ौली खुर्द निवासी सीलमराम ने बताया कि उसका 35 वर्षीय भाई रूपराम भैंसों का व्यापार करता था। रूपराम की डेयरी भी है। रूपराम की शादी करीब 15 साल पहले चुलियाणा निवासी महिला राजेश के साथ हुई थी। दोनों के दो बेटी और एक बेटा हैं। दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। इसके बाद महिला तीनों बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई। राजेश करीब तीन साल से अपने बच्चों के साथ मायके में रहती है।
आरोप है कि कई बार मनाने के बाद भी राजेश वापस नहीं आई।
न ही उसने रूपराम को तलाक दिया। बाद में रूपराम ने दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी करने के बाद पहली पत्नी राजेश ने रूपराम के खिलाफ सांपला थाने में दहेज उत्पीड़न और शादीशुदा रहते दूसरी शादी करने का केस दर्ज करवा दिया। यह मामला अभी तक कोर्ट में विचाराधीन है। सीलकराम का आरोप है कि इसी मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई थी। सुबह रूपराम ने अपने साले सतीश के पास कॉल करके कहा कि वह अपने बच्चों से मिलना चाहता है। आरोप है कि सतीश ने कहा कि पहले पचास लाख रुपये दो। इसके बाद अपने बच्चों से मिल लेना।
इसी बात से आहत होकर रूपराम छत पर गया और जहर की गोली खा ली। जब उसकी तबियत बिगड़ी को परिजनों को पता चला। इसके बाद रूपराम को पीजीआई लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सीलकराम की शिकायत पर पहली पत्नी राजेश और उसके भाई सतीश के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है।
एक बार भी नहीं मिलने दिया बच्चों से
परिजनों के मुताबिक पति से अलग होने के बाद राजेश ने तीन साल में एक बार भी रूपराम से उसके बच्चों को नहीं मिलने दिया। रूपराम की बड़ी बेटी आशा 12 साल, उससे छोटी रानी 8 साल और बेटा 6 साल का है। परिजनों का आरोप है कि केस दर्ज करवाने के बाद राजेश और उसक ा भाई रुपयों की मांग कर रहे थे। समझौते के नाम पर भी रुपये मांगे जाते थे। लगातार ऐसा ही हो रहा था। पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सुसाइड नोट में पहली पत्नी और साले को ठहराया जिम्मेदार
मृतक रूपराम ने अपने सुसाइड नोट में भी साले और पहली पत्नी पर आरोप लगाया है। उसने लिखा है कि कई बार बच्चों से मिलने का प्रयास किया लेकिन साले ने नहीं मिलने दिया। जब भी बच्चों से मिलने की बात कहता तो वह लाखों रुपये की मांग कर देते। इनकी प्रताड़ना और बच्चों से न मिलने देने की तकलीफ के कारण मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं।