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सिविल लाइन थाने में बवाल, हमला, पथराव

Mon, 30 May 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सिविल लाइंस थाने में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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 तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले ने रविवार को तूल पकड़ लिया। इस केस में आरोपी बिजली मैकेनिक को जेल भेजने पर औरंगाबाद निवासी सैकड़ों लोगों ने सिविल लाइन थाने में बवाल कर दिया। भीड़ ने पांडव नगर निवासी एक युवक को असली आरोपी बताते हुए उसे पीटकर पुलिस को सौंप दिया।
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जिसके बाद थाने पहुंचे आरोपी को खुद ही सजा देने का एलान करते हुए पुलिस कस्टडी में आरोपी पर हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिस ने लाठी बरसाई तो महिलाओं ने इंस्पेक्टर से हाथापाई और पथराव कर दिया।
26 मई की शाम सिविल लाइन क्षेत्र में तीन साल की बच्ची को अगवा कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। जिसमें सिविल लाइन पुलिस ने भावनपुर के औरंगाबाद निवासी बिजली मैकेनिक सोनू पाल को 27 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि बच्ची के साथ खेल रहे पांच साल के बच्चे ने आरोपी की पहचान की थी।
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आरोपी को बच्ची के परिजनों ने भी पहचाना था, जिसके बाद उसे शनिवार को जेल भेजा गया। सोनू के परिजनों और औरंगाबाद के ग्रामीणों ने शनिवार को भी एसएसपी ऑफिस का घेराव कर पुलिस पर फर्जी तरह से फंसाने का आरोप लगाया था।
उधर, सोनू के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने घटनास्थल से नजदीक एक गली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। जिसमें बाइक के नंबर के आधार पर पांडव नगर निवासी एक युवक की पहचान की। रविवार को सोनू के साले कालू ने इस युवक को बाइक पर जाते समय पकड़ लिया और बच्ची के परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी।
मौके पर पहुंचे बच्ची के परिजन और जेल गए सोनू के परिजनों ने आरोपी युवक की पिटाई कर उसे पुलिस को सौंप दिया। जैसे ही सिविल लाइन पुलिस आरोपी युवक को थाने लेकर पहुंची तो वहां मौजूद औरंगाबाद और पांडवनगर के सैकड़ों लोगों ने आरोपी को थाने में ही सजा देने का एलान कर दिया।
भीड़ ने जैसे ही आरोपी युवक को पुलिस से छीनने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसके बाद बेकाबू भीड़ ने इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा से हाथापाई कर दी।
महिलाओं ने थाने में पथराव कर दिया जिससे भगदड़ मच गई। थाने में बवाल की सूचना पर सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार, नौचंदी पुलिस और पीएसी भी पहुंच गई। घटना के बाद औरंगाबाद के प्रधान मोहित चौहान, भाजपा नेता अजित चौधरी, सपा नेता अमित सिवाच भी समर्थकों के साथ पहुुंच गए।
इस बीच मामला निपटा भी नहीं था कि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल भी थाने पहुंच गए। कई घंटे तक चले बवाल के बाद सीओ ने कहा कि बच्ची के परिजनों ने ही सोनू की पहचान की थी, जिसके बाद जेल भेजा गया है। यदि असली आरोपी यह युवक है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

इंस्पेक्टर की फटकार पर महिला बेहोश, भड़की भीड़ 
इंस्पेक्टर सिविल लाइन की अभद्रता ने एक बार फिर थाने में बवाल करा दिया। इंस्पेक्टर एसके राणा ने जैसे ही थाने में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मां को फटकार लगाई तो वह बेहोश हो गई।
जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई। थाने में ‘इंस्पेक्टर हटाओ थाना बचाओ’ के नारे लगने लगे। सीओ सिविल लाइन से भी भाजपा नेताओं की तीखी नोकझोंक हुई। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक जेल में बंद सोनू की रिहाई नहीं होगी और असली आरोपी को जेल नहीं भेजा जाएगा, वह थाने से नहीं हटेंगे।

‘ऊंची आवाज में न बोलें’
भाजपा नेता अजित चौधरी और औरंगाबाद के प्रधान मोहित सिंह ने इंस्पेक्टर सिविल लाइन का घेराव करते हुए कहा कि ऊंची आवाज में न बोलें। एक  तो निर्दोष को बच्ची से दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धारा लगाकर जेल भेज दिया, उल्टे पीड़िता की मां को धमकाया जा रहा है। सीओ भीड़ को समझाते रहे लेकिन भीड़ पुलिस की सुनने वाली नहीं थी।

विधायक भी भड़क गए
थाने में भीड़ को देखते हुए थाने के बाहर फोर्स लगा दी गई। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के प्रतिनिधि सुनील शर्मा को जैसे ही सीओ के गनर ने रोकने की कोशिश तो विधायक भड़क गए। विधायक ने सीओ से कहा कि 24 घंटे में यदि आरोपी को जेल नहीं भेजा गया तो पुलिस-प्रशासन तैयार रहे। पुलिस अफसरों की तानाशाही किसी भी कीमत नहीं नहीं चलने दी जाएगी।

इंस्पेक्टर ने धमकाकर लिए बयान
थाने में तीन साल की पीड़ित बच्ची की मां ने विधायक के सामने बिलखते हुए कहा कि घटना के बाद इंस्पेक्टर एसके राणा ने धमकाकर कहा था कि आरोपी सोनू को पहचान लो, नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। जिसके बाद सोनू की पिटाई कर जबरन घटना को कबूल करना स्वीकार कराया था। कई बार उन्होंने कहा था कि असली आरोपी कोई और है, लेकिन पुलिस पीड़ित परिजनों को धमकाने में लगी रही।

सीसीटीवी फुटेज में कद काठी में अंतर
औरंगाबाद के प्रधान मोहित, थाने के एसआई महेश शर्मा और सतपाल सिंह ने फुटेज निकाली। जिसमें बच्ची को बाइक पर ले जाने वाले का कद करीब पौने छह फीट बताया गया। जबकि जेल भेजे गए सोनू की लंबाई सवा पांच फीट है।

पुलिस ने बाइक से मिटायी पहचान
जिस आरोपी युवक को पुलिस को भीड़ ने सौंपा, उसकी बाइक पर उसकी जाति की पहचान लिखी थी। घटना के पुलिस ने ये शब्द भी मिटा दिए। जिस पर भीड़ ने आरोपी युवक की खातिरदारी करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।

इंस्पेक्टर पर चल रही है जांच
इंस्पेक्टर सिविल लाइन पर मेरठ का मूल निवासी होने के बाद भी थाने का चार्ज लेने को लेकर डीआईजी रेंज और आईजी जोन ने जांच बैठा रखी है। जिसके बाद भी वह जिले में नौकरी कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा इंस्पेक्टर ने एकतरफा कार्रवाई की है।
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