पुलिस ने बताई ये कहानी
सनसनीखेज वारदात में पुलिस की कहानी यह है कि युवकों के दो गुटों में वर्चस्व को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था। इसके बाद 17 नवंबर 2018 में तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर के घर पर दोनों पक्षों का झगड़ा हुआ। हमले में हेवा गांव का विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के बावजूद वह सामान्य स्थिति में नहीं लौट सका और दिव्यांग हो गया। इससे रंजिश और बढ़ गई। उधर, भाजपा नेता संजय खोखर ने अपने बेटे अक्षय खोखर का नाम मुकदमे से निकलवा दिया था। इसी रंजिश के कारण हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
खुलासे की जल्दी, क्या और भी हैं वजह
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में वारदात के खुलासे के निर्देश दिए थे। संजय खोखर की हत्या में मुकदमा नामजद हुआ तो पुलिस ने भी फटाफट दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए। दोनों अभियुक्तों को मीडिया के सामने नहीं लाया गया। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या हत्या के पीछे कोई सियासी कनेक्शन तो नहीं है। संजय खोखर बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा के करीबी थे। खुद विधायक और उनके प्रतिनिधि अपनी जान को खतरा बता चुके हैं। ऐसे में सवाल यह है कि सिर्फ रंजिश में ही संजय खोखर की जान गई या कोई दूसरी भी बड़ी वजह है।
दो नामजद आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। हर बिंदु पर जांच होगी।
- अजय कुमार सिंह, एसपी
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