थाने में बैठकर सुबूत तैयार किए
पुलिस रिमांड लेते समय कोर्ट का आदेश था कि आरोपियों से जो भी सुबूत बरामद हो, उसकी वीडियोग्राफी जरूर की जाएगी। पुलिस ने आरोपियों से फर्जी प्लेट नंबर और आरसी एक प्लांट से बरामद करनी बताई है। जिस पर आरोपी डिपिन सूरी के अधिवक्ता संजीव गुर्जर, सोनू सहगल के अधिवक्ता अमित दीक्षित ने आपत्ति लगाई है। दोनों अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस तीनों आरोपियों को थाने से बाहर लेकर नहीं गई। रिमांड के दौरान अधिवक्ता थाने में मौजूद थे। पुलिस ने आरोपियों को थाने में रखकर ही सारे सुबूत फर्जी दाखिल किए। उनके बयान भी गलत हैं। पुलिस अधिकारियों के मोबाइल की लोकेशन निकालने का हवाला भी अधिवक्ताओं ने दिया है।
फरारी के आरोपियों पर धारा बढ़ी
बदन सिंह बद्दो की फरारी में तीनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को स्पेशल सीजेएम रामलाल की अदालत में पेश किया। जहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं (420, 467, 468, 471) बढ़ाए जाने की अर्जी दी। जिस पर अदालत ने न्यायिक रिमांड पर धाराओं को बढ़ाकर आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा से न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस द्वारा बढ़ाई धाराओं पर आपत्ति जताई है।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/